हरियाणा में जनगणना कार्य ने पकड़ी रफ्तार, 97% क्षेत्रों में शुरू हुआ मकान सूचीकरण

Haryana News: हरियाणा में चल रही राष्ट्रीय जनगणना के अंतर्गत मकान सूचीकरण और आवास गणना के काम में बड़ी तेजी देखने को मिल रही है. राज्य के अधिकांश हिस्सों में मकानों की लिस्टिंग की गतिविधियां सुचारू रूप से शुरू की जा चुकी हैं. इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, नगर निगम आयुक्तों और जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें तैयारियों और अब तक की प्रगति का बारीकी से आकलन किया गया.

लापरवाही पर होगी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई
मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनगणना के काम को शीर्ष प्राथमिकता पर रखा जाए. उन्होंने अधिकारियों से इसे पूरी निष्ठा, जवाबदेही और कुशलता के साथ समय पर पूरा करने को कहा है. मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि जनगणना से मिलने वाले आंकड़े ही भविष्य की नीतियों, विकास योजनाओं, बजट और कल्याणकारी योजनाओं का मुख्य आधार बनते हैं, इसलिए इसका सफल संचालन शासन और प्रशासन के लिए अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी भी दी कि यदि कोई भी कर्मचारी जनगणना की ड्यूटी में कोताही बरतता है या असहयोग करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

चरखी दादरी सबसे आगे और 8 जिलों में शत-प्रतिशत शुरुआत
हरियाणा के जनगणना संचालन निदेशक डॉ. ललित जैन ने बैठक में आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के कुल हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स में से 97 प्रतिशत से अधिक में काम शुरू किया जा चुका है. यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, फतेहाबाद, हांसी, चरखी दादरी और फरीदाबाद जैसे जिलों में हाउस लिस्टिंग का काम शत-प्रतिशत शुरू हो चुका है, जो जिला प्रशासन और गणनाकारों की दक्षता को दर्शाता है. इसमें चरखी दादरी जिला अपने क्षेत्र का 32 प्रतिशत से ज्यादा काम निपटाकर पूरे राज्य में सबसे आगे चल रहा है, जबकि फतेहाबाद, हांसी, जींद और महेंद्रगढ़ में भी काम की रफ्तार काफी शानदार है. शहरी क्षेत्रों में नगर निगमों की बात करें तो पानीपत विकास के मामले में सबसे आगे है, जिसके बाद रोहतक और फरीदाबाद का नंबर आता है.

जनभागीदारी और स्थानीय संस्थाओं का सहयोग जरूरी
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि इस काम को पूरी तरह सफल बनाने के लिए स्थानीय निकायों, सरपंचों, पंचों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) का सक्रिय सहयोग बेहद जरूरी है. उन्होंने अधिकारियों से ग्राम सभाओं को इस प्रक्रिया से जोड़ने और जन-जागरूकता फैलाने के लिए विशेष सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) अभियान चलाने का आह्वान किया. इसके साथ ही, फील्ड में तैनात कर्मचारियों के काम के घंटों को जरूरत के हिसाब से एडजस्ट करने की सलाह दी गई है ताकि फील्ड कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जा सके.

BLO को चुनावी काम से मिलेगी अस्थाई राहत
मुख्य सचिव ने आगामी 15 जून से शुरू होने वाले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की तैयारियों का भी जायजा लिया. इस दौरान फील्ड स्टाफ और बीएलओ (BLO) पर काम का अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुव्यवस्थित करने और दोनों कार्यों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर चर्चा हुई. मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जनगणना कार्य में जुटे बीएलओ को आगामी 31 मई तक चुनाव से जुड़े अन्य कार्यों से छूट दी जा सकती है, ताकि वे बिना किसी मानसिक दबाव के अपना पूरा ध्यान इस राष्ट्रीय कार्य पर केंद्रित कर सकें.