चण्डीगढ़: हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह ने बीते दिनों गुरुग्राम में बयान था कि बदमाश ज्यादातर थार या बुलेट लेकर चलते हैं। डीजीपी के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तूफानी बहस छिड़ी हुई है। डीजीपी ने माइंडसेट की बात रखते हुए कहा था कि ऐसी गाड़ियों को अक्सर अपराधियों का पसंदीदा माध्यम माना जाता है। बस, यही बयान कुछ ही घंटों में हरियाणा की डिजिटल गलियों में ऐसा फैला कि मजाक, मीम, समर्थन और विरोध सब एक साथ फूट पड़ा। इस पर सोशल मीडिया पर बहस को लेकर एक सर्वे डीजीपी ने शेयर किया है।
अब एक बार फिर से डीजीपी ने नया बयान दिया है, जिसमें उन्होंने बुलेट और थार का नाम न लेते हुए उनके पहले वाले बयान पर विरोध जताने वालों को अपना प्यार भरा संदेश लिखा। डीजीपी ने हल्के लहजे में कहा, आपा हरियाणवी हैं भाई… न्यूं ही चला करें, ठंड राख लें थोड़ी। इसी एक लाइन ने माहौल को और हल्का कर दिया और उनकी पोस्ट के कॉमेंट सेक्शन में हंसी-ठिठोली का बाढ़ आ गया।
डीजीपी ओपी सिंह ने इस बयान को लेकर सोशल मीडिया एनालिसिस बताया है कि मामले पर चल रहे सर्वे में लगभग 90% लोग डीजीपी की बात से सहमत मिले, 5% ने न्यूट्रल रुख रखा, जबकि 3% लोग बयान की गहराई में उतरकर बहस करने लगे और 2% ने हरियाणवी स्टाइल में गुस्सा भी दिखा दिया।
बयान से जुड़े वीडियो और पोस्ट को करीब 15 लाख लोगों ने देखा, दो लाख से ज्यादा लाइक और शेयर मिले, जबकि 500 से अधिक विस्तृत एनालिसिस वाले कॉमेंट्स आए।
विवाद तब और दिलचस्प हुआ जब पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने भी इस मुद्दे पर डीजीपी से सवाल करते हुए बुलेट पर बैठे अपनी एक पुरानी फोटो शेयर कर दी। इसके साथ ही चौटाला ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की बुलेट वाली फोटो और राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की थार पर सवार वाली फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए के डीजीपी के बयान पर सवाल उठाया था। इसके बाद तो राजनीतिक और सोशल मीडिया यूजर्स दोनों ही ओर से मीम और रिएक्शन की झड़ी लग गई।
कुल मिलाकर, डीजीपी का यह बयान हरियाणा में बुलेट और थार चलाने वालों के लिए एक वायरल टेस्ट बन गया। किसी ने इसे सुरक्षा का मसला कहा, किसी ने मजाक और किसी ने गर्व की बात। पर एक बात साफ है कि सोशल मीडिया पर हरियाणा फिर एक बार अपने अंदाज में बोल पड़ा कि स्टाइल भी, तंज भी और ठंड भी।