हरियाणा में संयुक्त किसान मोर्चा के 11 अप्रैल को चक्का जाम करने के ऐलान के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. आज सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक किसान संगठनों ने प्रदेश की सड़कों को ब्लॉक करने की घोषणा की है. इस स्थिति से निपटने के लिए पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ शुक्रवार शाम एक हाई लेवल बैठक करके सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
हाईवे और टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल
DGP अजय सिंघल ने बैठक में साफ किया कि प्रदर्शन के समय असामाजिक तत्व कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. एडीजीपी संजय कुमार ने निर्देश दिए हैं कि सभी संवेदनशील स्थानों, विशेष रूप से हाईवे और टोल प्लाजा पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहे. पुलिस का मुख्य लक्ष्य यह है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ न हो और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहे.
ट्रैफिक के लिए बना डायवर्जन प्लान
चक्का जाम से आम जनता को होने वाली परेशानी कम करने के लिए प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया है. डीजीपी ने सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिए हैं कि वे ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार रखें ताकि लोगों को आवाजाही में ज्यादा असुविधा न हो. पुलिस को निर्देश मिले हैं कि प्रदर्शन वाली जगहों पर पहले से पुख्ता इंतजाम रहें और यह सुनिश्चित हो कि ट्रैफिक पूरी तरह बाधित न हो. इसके साथ ही मंडियों के गेट पर भी निगरानी रखने को कहा गया है ताकि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही सुचारू बनी रहे.
क्यों सड़कों पर हैं किसान?
किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि फसल खरीद में पोर्टल रजिस्ट्रेशन, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और अन्य नई शर्तों से किसानों को काफी समस्याएं हो रही हैं, जिसके विरोध में आज 4 घंटे का रोड ब्लॉक रहेगा. दूसरी ओर, एडीजीपी सीआईडी सौरभ सिंह ने अधिकारियों को किसानों से संवाद बनाए रखने को कहा है ताकि बातचीत से समाधान निकले. पुलिस महानिदेशक ने किसानों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी उकसावे का शिकार न हों. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी.