एंट्री टैक्स पर बवाल के बीच अब सुक्खू सरकार ने फाइनल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. सरकार ने दावा किया है कि इसमें अधिकतर कैटिगरी को राहत दी गई है. हालांकि, कुछ कैटिगरी में मामूली बढ़ोतरी से संतुलन साधा गया है.
कांग्रेस सरकार ने दावा किया है कि अब प्रदेश में एंट्री टैक्स को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति अब खत्म हो गई है. फाइनल नोटिफिकेशन जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि अधिकांश वर्गों को राहत दी गई है, जबकि कुछ श्रेणियों में मामूली बढ़ोतरी की गई है. जो बदलाव किए गए हैं, उसको लेकर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
सरकार ने ट्रांसपोर्टर्स और अन्य हितधारकों से बातचीत के बाद यह फैसला लिया है. बीते दिन ट्रांसपोर्टर्स ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी चिंताएं भी साझा की थीं. अब सरकार ने टैक्सी और पैसेंजर वाहनों को एंट्री टैक्स से पूरी तरह मुक्त कर दिया है. इसके अलावा, हिमाचल की निजी गाड़ियों के साथ-साथ अब हिमाचल में पंजीकृत टैक्सी नंबर वाली गाड़ियों को भी अब कोई एंट्री टैक्स नहीं देना होगा.
गुड्स कैरियर वाहनों को भी राहत दी गई है. बड़े मालवाहक वाहनों (10 से 14 टायर) पर कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है और उनसे पहले की तरह 570 रुपये ही वसूले जाएंगे.
दूसरे राज्यों से लगते सीमावर्ती इलाकों में 5 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को विशेष रियायती पास जारी किए जाएंगे, जिससे उन्हें अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ेगा.
20 क्विंटल की कैटिगरी को अब 7500 किलोग्राम में बदल दिया गया है. इस श्रेणी के वाहनों पर एंट्री टैक्स 130 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये किया गया है. इसमें 30 रुपये की बढ़ोतरी की गई है.
1 से 12 यात्रियों वाली गाड़ियों के लिए पहले अलग-अलग टैक्स (70 और 110 रुपये) थे, जिन्हें अब मिलाकर 100 रुपये कर दिया गया है.
75 से 90 क्विंटल श्रेणी के मालवाहक वाहनों पर कोई बदलाव नहीं हुआ… 170 रुपये ही रहेंगे.
12 से 32 सीटर बसों पर 180 से बढ़ाकर 200 रुपये किए गए हैं.
32 सीटर से अधिक बसों पर 250 रुपये, जबकि 6 या उससे अधिक टायर वाली बसों पर 320 रुपये तय किए गए हैं.
नरेश चौहान ने कहा कि सरकार ने किसी भी नए एंट्री टैक्स को लागू नहीं किया है, बल्कि पहले से लागू टैक्स में ही मामूली बढ़ोतरी की गई है. मुख्यमंत्री ने सभी पक्षों की बात सुनने के बाद संतुलित फैसला लिया है.