नौकरी मिल गई, पर जॉइनिंग अटकी! हरियाणा में डॉक्टरों की हड़ताल से मेडिकल सर्टिफिकेट पर लगा ब्रेकं

भिवानी। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के बैनर तले प्रदेशभर में मेडिकल आफिसर के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की हड़ताल का असर अब मेडिकल प्रमाण पत्र जारी न होने पर भी दिखने लगा है। सरकारी और निजी नौकरियों के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने आए युवाओं को शनिवार और रविवार को निराशा का सामना करना पड़ा।

पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कालेज और जिला नागरिक अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट और एनएचएम चिकित्सकों ने प्रमाण पत्र बनाने से मना कर दिया। जिले में रोजाना औसतन 30 से अधिक लोग मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने आते हैं, जबकि राज्य स्तर पर यह संख्या 500 से 600 तक है।

मेडिकल प्रमाण पत्र न बनने के कारण कई सरकारी नौकरी के अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन में कठिनाई हो रही है। आइटीआइ और पालिटेक्निक के प्रशिक्षु, पुलिस और होमगार्ड सहित अन्य सुरक्षा इकाइयों में तैनात कर्मचारियों के लिए प्रमाण पत्र अनिवार्य हैं। हड़ताल के कारण आने वाले अभ्यर्थियों को कार्यालय से लौटना पड़ा, जिससे उनका समय और तैयारी दोनों प्रभावित हुए।

न केवल सरकारी, बल्कि निजी कंपनियों में ज्वाइनिंग के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र जरूरी हैं। हड़ताल के कारण कई युवाओं को अपनी नई नौकरी शुरू करने में रुकावट आई। जूनियर रेजिडेंट और एनएचएम चिकित्सक केवल ओपीडी सेवाओं पर ध्यान देने के कारण प्रमाण पत्र जारी नहीं कर पाए। सोमवार को भी यदि ड्यूटी पर विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं आए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों की हड़ताल जारी रहने से सोमवार तक मेडिकल प्रमाण पत्र न बन पाने की स्थिति बनी रह सकती है। इससे आइटीआइ और पालिटेक्निक प्रशिक्षु, सरकारी सेवाओं के अभ्यर्थी और निजी कंपनियों में ज्वाइनिंग करने वाले युवा गंभीर दिक्कत में पड़ सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग प्रशासन ने फिलहाल ओपीडी सेवाओं पर ध्यान दिया है, लेकिन प्रमाण पत्र बनवाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है।