हरियाणा सरकार ने जहां नए शिक्षा सत्र के दौरान अभिभावकों पर किताबें तथा वर्दी खरीद के लिए दबाव बनाने वाले निजी स्कूलों पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं, वहीं स्कूली बच्चों को बस्ते के भार से भी मुक्ति देने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से पहली से दूसरी कक्षा तक 1.5 किलोग्राम वजन निर्धारित किया गया है।
अभिभावकों की ओर से लगातार शिकायत की जा रही है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान निजी स्कूल संचालक अभिभावकों पर किताबों, वर्दी और अन्य स्कूल सामग्री की जबरन खरीद शर्तें थोप रहे हैं। निजी स्कूल संचालक सरेआम शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 (आरटीई) और हरियाणा स्कूल शिक्षा नियम-2003 की उल्लंघन कर रहे हैं। अभिभावकों पर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें थोपी जा रही हैं, जोकि एनसीईआरटी और सीबीएसई की ओर से स्वीकृत पुस्तक नियमों की उल्लंघन मानी जा रही है।
ऐसे में शिक्षा विभाग ने अभिभावकों पर शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी है कि निजी स्कूलों की मनमानी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों की अवहेलना करने वाले निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।,
शिक्षा विभाग के संज्ञान में आया है कि कई स्कूल पुराने और अप्रासंगिक संदर्भ पुस्तकें थोप रहे हैं, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप नहीं हैं। इतना ही नहीं कुछ स्कूल छात्रों को पुरानी किताबों के उपयोग को लेकर भी मनाही कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर हर साल नया आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
विभाग की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इन आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। इसके साथ ही अभिभावकों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-5049801 जारी किया गया है, जिस पर सुबह नौ बजे से लेकर सायं पांच बजे तक शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।