हरियाणा पुलिस के जवान ने दहेज में मिले 11.11 लाख रुपये और सोना-चांदी लौटाए

झज्जर. हरियाणा पुलिस के जवान ने अपनी शादी में कुछ ऐसी पहल की कि अब हर तरफ उसकी तारीफ हो रही है. जवान ने सगाई के दौरान ससुरालियों की तरफ से दहेज में दिए गए 11 लाख रुपये लौटा दिए और शगून में केवल एक रुपये लिए. जवान ने इस दौरान दहेज में मिले सोने चांदी के गहने भी लौटा दिए. मामला हरियाणा के झज्जर जिले का है.

दरअसल, हरियाणा के झज्जर जिला लगातार सामाजिक बदलाव की मिसाल बनता जा रहा है. इसका ताज़ा उदाहरण सुलोधा गांव का है, जहां हरियाणा पुलिस में तैनात सिपाही पंकज यादव ने दहेज प्रथा के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया है. सगाई के मौके पर वधू पक्ष की ओर से लाए गए 11 लाख 11 हजार 1 रुपये नकद और करीब 15 तोले सोने-चांदी के आभूषण लौटाकर पंकज के परिवार ने सिर्फ 1 रुपया शगुन के रूप में स्वीकार किया.

गांव में इस सामाजिक कदम की जोरदार चर्चा है और लोग पंकज यादव और उनके परिवार की इस सोच की सराहना कर रहे हैं. पंकज यादव की बारात 18 नवंबर को रेवाड़ी गई और फिर वहां पर उसकी शादी हुई. रेवाड़ी के उस्मानपुर निवासी विक्रम यादव, अपनी बेटी तमन्ना यादव का रिश्ता लेकर सुलोधा पहुंचे थे. परंपरा के अनुसार वे कैश और गहनों का भारी-भरकम शगुन लेकर आए थे, लेकिन पंकज यादव के दादा कैप्टन अमीर सिंह और पिता धर्मवीर यादव ने दहेज का सामान वापस करते हुए साफ शब्दों में कहा—“शादी दो परिवारों का मिलन है, सौदेबाज़ी नहीं.” उन्होंने वधू पक्ष से सिर्फ एक रुपये शगुन लेकर सामाजिक बराबरी का संदेश दिया.

पिता बोले-हमने पहले ही तय किया था
पंकज यादव ने कहा कि उन्होंने पहले ही दहेज के लिए मना किया था. उन्होंने कहा कि समाज को यही संदेश है कि अच्छे से लोग पढ़ाई लिखाई करें और बुराइयों का अंत हो. पंकज ने बताया कि वह मधुबन में ट्रेनिंग कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनके दादा कैप्टन मीर सिंह यादव रहे हैं. युवक के पिता धर्मवीर ने कहा कि यादव समाज शादी में दहेज की मांग बढ़ जाती है. लेकिन हमने तय किया था कि दहेज लेना ही नहीं है.

पिता ने कहा कि दूसरे पक्ष की तरफ से कहा गया था कि कुछ तो उन्होंने देना है.
पिता ने कहा कि दूसरे पक्ष की तरफ से कहा गया था कि कुछ तो उन्होंने देना है. समाज में लालची भी लोग हैं और अच्छे भी लोग हैं और लोगों को ही यह देखना है. उधर, ग्रामीण पंकज यादव के साहस और सोच की तारीफ कर रहे हैं.