हरियाणा में नए साल की पहली कैबिनेट मीटिंग, 2100 रुपये वाली योजना में विस्तार, ASI संदीप लाठर की पत्नी को नौकरी

चंडीगढ़. हरियाणा में नए साल के पहले दिन ही नायब सैनी कैबिनेट की मीटिंग में अहम फैसले लिए गए. मीटिंग के बाद सीएम ने खुद फैसलों की जानकारी दी. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रेस वार्ता की और लोगों को नव वर्ष की शुभकामनाएं और बधाई दी.कैबिनेट बैठक में रोहतक के दिवतंगत एएसआई संदीप लाठर की पत्नी को एमडीयू यूनिवर्सिटी में मैथ्स के प्रोफेसर की नौकरी देने को मंजूरी दी गई है. इसके अलावा, 2100 रुपये की लाडा लक्ष्मी योजना का भी विस्तार किया गया.

सीएम ने बताया कि कैबिनेट मीटिंग में पंचकूला जिले के बरवाला ब्लॉक के रत्तेवाली गांव पंचायत की जमीन को कामधेनु गौ सेवा समिति को गौशाला स्थापित करने के लिए 20 साल की अवधि के लिए पट्टे पर देने को मंजूरी प्रदान की गई. इसके अलावास वर्ष 2002 में कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त 347 ड्राइवर को क्वालीफाइंग सर्विस और पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का फैसला लिया गया. ड्राइवरों को उनकी शुरुआती नियुक्ति की तारीख से रेगुलर माना जाएगा. शुरुआती नियुक्ति की तारीख से सेवा की गणना करके एसीपी, पुरानी पेंशन योजना और पारिवारिक पेंशन योजना 1964 का लाभ प्रदान करने जनरल प्रोविडेंट फंड खाता खोलना जैसे विभिन्न लाभ प्रदान किए जाएंगे औऱ यह सभी लाभ 31 अगस्त 2024 तक सैद्धांतिक रूप से दिए जाएंगे. वास्तविक वित्तीय लाभ 1 सितंबर 2024 से या सरकार द्वारा तय की गई किसी अन्य कट ऑफ तारीख से मिलेंगे.

कैबिनेट मीटिंग में राज्य सरकार ने बहनों बेटियों के लिए शुरू की गई दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना का विस्तार किया गया. वर्तमान में जिन परिवारों की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम है, उन परिवारों की महिलाओं को 2100 रुपए का लाभ दिया जा रहा है. लेकिन अब 10वीं और 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से ज्यादा नंबर लेकर आने वाले बच्चों की माताओं और बहनों को भी दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ मिलेगा. इसके अलावा निपुण योजना के तहत ग्रेडेशन वाली महिलाएं,बच्चों में कुपोषण या एनीमिया को रोकने वाली महिलाओं (180000 तक की वार्षिक आय वाली) के लिए भी पहल की गई. कोई बच्चा जो कुपोषित या एनीमिया ग्रस्त था, वह पोषित और स्वस्थ होकर ग्रीन जोन में आ जाता है तो ऐसी माताओं को भी मिलेगा 2100 रुपये का लाभ दिया जाएगा.

सीएम नायब सैनी ने बताया कि वर्तमान में जो 2100 रुपए की राशि बहन बेटियों के खातों में जा रही हैं, उसमें से 1100 रुपए सीधे महिलाओं को मिलेंगे और 1000 रुपए सरकार रिकरिंग डिपॉजिट या फिक्स्ड डिपॉजिट करवाएगी. प्रदेश में अब तक 10 लाख 255 महिलाओं ने योजना के लिए आवेदन किया, जिसमें में 8 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिल रहा है.