चंडीगढ़: मंगलवार को चंडीगढ़ में हरियाणा कैबिनेट की अहम बैठक हुई. सीएम नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 26 एजेंडे रखे गए थे. जिसमें से 22 एजेंडे पास हुए. बैठक के बाद सीएम ने सबसे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा की खिलाड़ी शर्मिला के पैरा शॉटपुट में गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ में शर्मिला ने शॉटपुट में गोल्ड जीतकर देश का नाम रोशन किया है. उम्मीद है अन्य खिलाड़ी भी पदक जीतकर देश का नाम रोशन करेंगे.
हरियाणा कैबिनेट की बैठक: हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रेसवार्ता कर कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी. कैबिनेट ने अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने, इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत वाहन कर छूट, महिलाओं के नाम पर वाहन खरीदने पर कर राहत, हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग के गठन और शहीदों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति में समय सीमा में छूट देने समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है.
अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण: कैबिनेट ने इंडियन रिजर्व बटालियन, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), फायरमैन और वाइल्डलाइफ गार्ड के पदों पर हरियाणा के निवासी अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. राज्य सरकार पहले ही ग्रुप-बी के पदों पर 1 प्रतिशत, ग्रुप-सी के पदों पर 5 प्रतिशत तथा पुलिस कांस्टेबल, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डर और माइनिंग गार्ड के पदों पर 20 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था कर चुकी है.
महिलाओं और EV खरीदारों को बड़ी राहत: मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप महिलाओं के नाम पर 20 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले नॉन-ट्रांसपोर्ट वाहनों के नए पंजीकरण पर एक प्रतिशत कर छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. यह लाभ वर्तमान मोटर वाहन कर में मिलने वाली छूट के अतिरिक्त होगा. वहीं, राज्य में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए 30 लाख रुपये तक मूल्य वाले दो, तीन और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण पर 100 प्रतिशत वाहन कर छूट देने का फैसला किया गया है. हालांकि, सीएनजी वाहनों पर पहले से लागू 20 प्रतिशत कर छूट जारी रहेगी.
PM आवास योजना के लाभार्थियों को मिलेगी राहत: प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत पंजीकृत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लाभार्थियों के लिए 60 वर्गमीटर तक की पात्र आवासीय इकाइयों पर स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क में छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. रेवाड़ी में कुसुम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए बिल लाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है.
पुलिस हिरासत में मौत पर मिलेगा मुआवजा: हरियाणा सरकार ने मानवाधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस हिरासत में होने वाली मौत के मामलों में मृतक के उत्तराधिकारियों या निकटतम परिजनों को 7.5 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान किया है. यह मुआवजा पुलिस हिरासत में यातना, पिटाई, आत्महत्या या ड्यूटी में लापरवाही के कारण हुई मृत्यु के मामलों में मिलेगा- प्राकृतिक मृत्यु, बीमारी, हिरासत से भागने के दौरान हुई मृत्यु अथवा प्राकृतिक आपदा के कारण हुई मौत के मामलों में यह प्रावधान लागू नहीं होगा.
पटवारियों की प्रशिक्षण अवधि घटाई: कैबिनेट ने हरियाणा राजस्व पटवारी समूह-सी सेवा नियम, 2011 में संशोधन को मंजूरी दी है. नए नियमों के तहत पटवारियों की अनिवार्य प्रशिक्षण अवधि को डेढ़ वर्ष से घटाकर एक वर्ष कर दिया गया है. इसमें छह माह का संस्थागत प्रशिक्षण और छह माह का फील्ड प्रशिक्षण शामिल होगा. प्रशिक्षण के दौरान अब पटवारियों को वजीफे के स्थान पर नियमित वेतन दिया जाएगा.
अल्पसंख्यक आयोग के गठन को मंजूरी: मंत्रिमंडल ने हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है. आयोग में एक अध्यक्ष, पांच गैर-सरकारी सदस्य और एक सचिव होंगे, जिनका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा. आयोग को सिविल न्यायालय जैसी शक्तियां प्राप्त होंगी और यह सरकारी योजनाओं की निगरानी, शिकायतों की जांच तथा सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक विकास से जुड़े मामलों में सरकार को सिफारिशें देगा.
शहीदों के आश्रितों को नौकरी में मिलेगी राहत: कैबिनेट ने शहीद सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के पात्र आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी देने की नीति में राहत देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. इसके तहत माता-पिता की शहादत के समय नाबालिग रहे बच्चों को आवेदन की समय सीमा में छूट दी जाएगी. इस फैसले का लाभ तीन मामलों में दिया गया है, जिनमें करनाल निवासी स्वर्गीय सुल्तान सिंह के पुत्र हर्ष, भिवानी निवासी स्वर्गीय प्रदीप कुमार की पुत्री खुशबू और स्वर्गीय संदीप कुमार के पुत्र योगेश शामिल हैं.
भूमि पर संपत्ति कर लगाने के लिए नई प्रणाली को मंजूरी: मंत्रिमंडल ने नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं की सीमा में स्थित भवनों एवं भूमि पर संपत्ति कर लगाने के लिए नई, सरल और पारदर्शी प्रणाली को मंजूरी दी. अब पूंजीगत मूल्य का निर्धारण प्लॉट एरिया या कारपेट एरिया, लागू कलेक्टर रेट तथा फ्लोर फेक्टर के आधार पर किया जाएगा. संपत्ति कर निर्धारण के लिए शहरों को चार श्रेणियों, नगर निगमों के लिए A1 एवं A2, नगर परिषद एवं नगर पालिकाओं के लिए B और C में विभाजित किया गया है.
नई प्रक्रिया में क्या होगा खास? नई नीति के तहत धार्मिक स्थल, पट्टे या किराए पर दी गई नगरपालिका संपत्तियां, अनाथालय, वृद्धाश्रम, श्मशान एवं कब्रिस्तान, धर्मशालाएं, सरकारी शैक्षणिक संस्थान, सरकारी अस्पताल, कृषि कार्यों के लिए उपयोग की जाने वाली संपत्तियां तथा अन्य निर्धारित श्रेणियां शामिल की गई हैं. नए नियमों के अनुसार अब नगरपालिका सीमा के भीतर स्थित मौजूदा गांवों के लाल डोरा क्षेत्र की आवासीय संपत्तियों को संपत्ति कर में 75 प्रतिशत रिबेट मिलेगा. प्रत्येक संपत्ति पर अधिकतम 25 प्रतिशत तक संयुक्त रिबेट का लाभ दिया जाएगा. इसके साथ ही महिलाओं के स्वामित्व वाली आवासीय संपत्तियों पर 25 प्रतिशत रिबेट मिलेगा. दिव्यांग व्यक्तियों के स्वामित्व वाली आवासीय संपत्तियों पर 10 प्रतिशत रिबेट मिलेगा. अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली अपनाने वाली ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों/संपत्ति समूहों को 10 प्रतिशत रिबेट होगा.
टाउन प्लानिंग स्कीम को मंजूरी: नगरपालिका क्षेत्रों में रिहायशी प्लॉटेड आवास के लिए टाउन प्लानिंग स्कीम को मंजूरी दी गई है. इस योजना के अंतर्गत न्यूनतम क्षेत्रफल 5 एकड़ है और अधिकतम क्षेत्रफल की कोई सीमा नहीं है. स्थल को कम से कम 33 फीट चौड़े मौजूदा रेवेन्यू रास्ता/सार्वजनिक सड़क से पहुंच उपलब्ध होनी चाहिए. प्लॉट का न्यूनतम क्षेत्रफल 50 वर्ग मीटर और अधिकतम क्षेत्रफल 250 वर्ग मीटर होना चाहिए. इसके अलावा, कुल रिहायशी प्लॉट में से, डेवलपर्स को कम से कम 50 प्रतिशत ऐसे रिहायशी प्लॉट उपलब्ध कराने होंगे, जिनका अधिकतम क्षेत्रफल 150 वर्ग मीटर हो.
आवासीय और वाणिज्यिक प्लॉटों के अंतर्गत योजना क्षेत्र का अधिकतम अनुमत क्षेत्र 65 प्रतिशत होगा. योजना क्षेत्र का अधिकतम 5 प्रतिशत वाणिज्यिक उपयोग के लिए होगा, कॉलोनी में आंतरिक सड़कों की न्यूनतम चौड़ाई 10 मीटर होगी. मौजूदा दरों के अनुसार, लो पोंटेशियल ज़ोन में लागू EDC के 25 प्रतिशत के बराबर विकास शुल्क जमा किए जाएंगे.
‘प्रोग्रेसिव MSME एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026’ को मंजूरी: अगले पांच वर्षों में मेन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में 55,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को आकर्षित करने, 5 लाख से अधिक नए रोजगार सृजित करने तथा हरियाणा के निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है. नई नीति में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, एयरोस्पेस एवं रक्षा, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, औषधि एवं मेडिकल उपकरण, वस्त्र उद्योग, फुटवियर, नवीकरणीय ऊर्जा और कृषि आधारित एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग शामिल हैं. इसके साथ ही सरकार स्टेट वेंचर कैपिटल फंड और सेक्टर आधारित क्रेडिट गारंटी फंड स्थापित करेगी.
गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व पर राज्य स्तरीय आयोजन: मुख्यमंत्री ने बताया कि गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व राज्य स्तर पर मनाया जाएगा- इसके लिए 29 जुलाई से 20 फरवरी 2027 तक ‘गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा. 29 जुलाई को हरियाणा का एक प्रतिनिधिमंडल वाराणसी में आयोजित विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम में भाग लेगा. वाराणसी से पवित्र मिट्टी लाकर उसे हरियाणा के गांवों, बस्तियों और घरों तक पहुंचाया जाएगा.