‘वोट बैंक’ के लिए BPL कार्ड का दुरुपयोग? कांग्रेस ने हरियाणा में अब कौन सी सनसनी छोड़ दी

Misuse of BPL cards for 'vote bank'? What sensation did Congress unleash in Haryana now?
Misuse of BPL cards for 'vote bank'? What sensation did Congress unleash in Haryana now?

Haryana BPL card: इस समय हरियाणा विधानसभा का सत्र चल रहा है. राज्य में वैसे ही राजनीतिक हलचल मची हुई है. आरोप प्रत्यारोप लग रहे हैं. इसी कड़ी में विधानसभा के मानसून सत्र में बीपीएल यानि कि गरीबी रेखा से नीचे वाले कार्ड से जुड़े आंकड़े पेश हुए. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने 2024 लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले वोटरों को लुभाने के लिए इन कार्डों का दुरुपयोग किया.

8,73,507 परिवार बीपीएल सूची में जोड़े गए
असल में मामला तब सामने आया जब कलांवाली से कांग्रेस विधायक शिशपाल केहरवाला ने सरकार से बीपीएल कार्डों का ब्यौरा मांगा. दैनिक ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक इसके जवाब में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि 1 जनवरी 2024 से 31 जुलाई 2025 के बीच 8,73,507 परिवार बीपीएल सूची में जोड़े गए जबकि 9,68,506 परिवारों को बाहर कर दिया गया.

संख्या घटकर 41.93 लाख
वहीं रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी आंकड़ों के अनुसार 31 मार्च 2025 तक राज्य में 52.37 लाख परिवार बीपीएल श्रेणी में थे. लेकिन 22 अगस्त 2025 तक यह संख्या घटकर 41.93 लाख रह गई. सरकार ने सफाई दी कि जिन परिवारों की सालाना आय 1.80 लाख रुपये से अधिक थी. उन्हें दिशा निर्देशों के तहत सूची से बाहर किया गया.

हुड्डा ने गंभीर आरोप लगाया
इसी बीच रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने गंभीर आरोप लगाया कि राज्य में BPL फॉर वोट घोटाला हुआ है. उन्होंने कहा कि 2024 चुनावों से ठीक पहले बीजेपी ने लगभग 10 लाख नए बीपीएल कार्ड जारी कर दिए. जिससे कागजों पर करीब 75% आबादी गरीबी रेखा के नीचे आ गई. लेकिन चुनाव के बाद इन कार्डों को उतनी ही तेजी से रद्द कर दिया गया.

इतना ही नहीं हुड्डा ने दावा किया कि ये 10 लाख परिवार राज्य की कुल मतदाता संख्या के लगभग 25% हैं. उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में बीजेपी कांग्रेस से सिर्फ 22,000 वोट यानी 0.5% वोट शेयर से आगे रही थी. उन्होंने कहा कि बीपीएल कार्डों की इस हेराफेरी ने चुनावी जनादेश की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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