अब बिना फिटनेस और पुलिस वेरिफिकेशन नहीं दौड़ेंगी बसें, प्रशासन ने सभी स्कूलों को दिए कड़े निर्देश

अंबाला : अब स्कूल बसों और वैन में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि बिना फिटनेस सर्टिफिकेट, कैमरे, फर्स्ट-एड किट और पुलिस वेरिफिकेशन के कोई भी वाहन बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के काम में नहीं लगाया जा सकेगा।

अंबाला शहर में शुक्रवार हुई बाल अधिकार आयोग की समीक्षा बैठक में यह बात कही गई। आयोग के सदस्य अनिल कुमार लाठर और श्याम शुक्ला ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिले की सभी स्कूल बसों की नियमित चेकिंग हो और निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए।

बैठक के दौरान खासतौर पर इन बिंदुओं पर जोर दिया गया
हर वाहन की फिटनेस और नियमित सर्विसिंग
चालक व कंडक्टर का पुलिस वेरिफिकेशन
बस में सीसीटीवी कैमरा, फायर सेफ्टी उपकरण और फर्स्ट-एड किट
इमरजेंसी डोर और बस टायरों की स्थिति
बस स्टाफ को आपातकालीन हालात से निपटने का प्रशिक्षण
आयोग ने कहा कि स्कूलों में रिफ्रेशर ट्रेनिंग भी समय-समय पर करवाई जाए, ताकि चालकों और सहायकों को बच्चों की सुरक्षा संबंधी मानक बार-बार याद दिलाए जा सकें।

रिपोर्ट को बताया आयोग ने संतोषजनक
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने रिपोर्ट पेश की, जिसे आयोग ने संतोषजनक बताया। इसके बावजूद आयोग ने सभी विभागों को चेताया कि कोई भी लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि रोड सेफ्टी और सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के बारे में बच्चों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम चलाए जाएं।

बैठक में एसडीएम दर्शन कुमार, आरटीए सुशील कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा, डीपीओ मनीषा गागट, डीसीपीओ ममता रानी, सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन रंजिता सचदेवा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।