हरियाणा में कल से बरसेगी आग! ‘नौतपा’ को लेकर मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी, 11 जिले रेड जोन में

Haryana News: हरियाणा में जेठ के महीने की तपिश अब जानलेवा रूप अख्तियार करने लगी है। स्थिति यह है कि दोपहर होते ही प्रदेश की व्यस्त सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और तेज धूप के साथ चल रही शुष्क, गर्म हवाएं (लू) लोगों के बदन को झुलसा रही हैं। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेशवासियों की असली अग्निपरीक्षा कल से शुरू होने वाली है, क्योंकि कल से ‘नौतपा’ का प्रारंभ हो रहा है।

धार्मिक और वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, नौतपा के दौरान सूर्य देव और पृथ्वी के बीच की दूरी कम हो जाती है और किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं। इसके परिणामस्वरूप आगामी नौ दिनों तक तापमान में भारी उछाल आने और गर्मी के पिछले सारे रिकॉर्ड टूटने की पूरी आशंका व्यक्त की जा रही है।

इन 11 जिलों में आज से ही थपकी देगी भीषण लू
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में आज से ही लू का प्रकोप अत्यधिक बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के 11 संवेदनशील जिलों के लिए विशेष चेतावनी (Heatwave Alert) जारी की है। इन जिलों में शामिल हैं। महेंद्रगढ़, मेवात, पलवल, रेवाड़ी, भिवानी, हिसार, चरखी दादरी, झज्जर, सिरसा और फतेहाबाद।इन चिन्हित इलाकों में सुबह 11 बजे के बाद से ही आग उगलती धूप और गर्म थपेड़े चलना शुरू हो जाते हैं, जो शाम तक जारी रहते हैं। प्रशासन ने इन जिलों के निवासियों को विशेष एहतियात बरतने को कहा है।

स्वास्थ्य विभाग की एडवायजरी
भीषण गर्मी और नौतपा के आगमन को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों ने आम जनता के लिए एक जरूरी एडवायजरी जारी की है। चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस मौसम में जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। अत्यधिक तापमान के कारण लोगों में डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी), अचानक चक्कर आना, उल्टी-दस्त, सनस्ट्रोक (लू लगना) और तेज बुखार जैसी गंभीर दिक्कतें तेजी से सामने आ रही हैं। डॉक्टरों ने सख्त हिदायत दी है कि दोपहर के समय बिना किसी बेहद जरूरी काम के घरों या दफ्तरों से बाहर न निकलें।

स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि प्यास न लगने पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। शरीर में लवण और पानी का संतुलन बनाए रखने के लिए नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी या ओआरएस (ORS) के घोल का निरंतर सेवन करते रहें। बाहर निकलते समय सिर और चेहरे को सूती कपड़े से ढककर रखें।

इंसानों के साथ गैजेट्स पर भी आफत
इस बार की रिकॉर्डतोड़ और अभूतपूर्व गर्मी का असर सिर्फ इंसानी स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि लोगों की जेब में रखे मोबाइल और दफ्तरों में इस्तेमाल होने वाले लैपटॉप पर भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। अत्यधिक वायुमंडलीय तापमान के कारण स्मार्टफोन, लैपटॉप और पावर बैंक जैसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बहुत तेजी से गर्म (Overheat) हो रही हैं।

तकनीकी जानकारों और मोबाइल मैकेनिकों के मुताबिक, अत्यधिक गर्मी की वजह से इन उपकरणों में लगी लिथियम-आयन बैटरी के फूलने, लीक होने या पूरी तरह डैमेज होने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। राज्य के कई हिस्सों से उपभोक्ताओं द्वारा फोन की परफॉर्मेंस बेहद स्लो होने, स्क्रीन हैंग होने और थर्मल प्रोटेक्शन के कारण डिवाइस के अचानक बंद (Auto Shut Down) होने की शिकायतें आ रही हैं।

तकनीकी विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि अपने कीमती गैजेट्स को सीधी धूप के संपर्क में आने से बचाएं। इसके अलावा, भूलकर भी अपने मोबाइल या लैपटॉप को धूप में खड़ी बंद गाड़ियों के अंदर न छोड़ें, क्योंकि बंद कार के भीतर का तापमान बाहर के मुकाबले दोगुना तेजी से बढ़ता है, जिससे बैटरी फटने जैसी बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है।