चंडीगढ़: हरियाणा में मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर कराए जाने के संकेत मिलने के बाद सत्तारूढ़ भाजपा ने तुरंत तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश में करीब 29 लाख मतदाताओं को संदिग्ध श्रेणी में रखा गया है, जिनका नए सिरे से सर्वे और सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए भाजपा ने एसआईआर कमेटी का गठन किया है, जिसका नेतृत्व असंध विधायक योगेंद्र राणा करेंगे।
इस पांच सदस्यीय कमेटी में प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण यादव, पूर्व प्रदेश सचिव मनीष यादव और कार्यकारिणी सदस्य सुलेख डिडवाड़ा शामिल हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह कमेटी एसआईआर के दौरान आने वाली तकनीकी, प्रशासनिक और संगठनात्मक समस्याओं का समाधान करेगी और जरूरत पड़ने पर चुनाव आयोग के साथ समन्वय स्थापित करेगी।
एसआईआर का मुद्दा पहले से ही हरियाणा में सियासी बहस का केंद्र बना हुआ है। कांग्रेस ने अक्तूबर 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा सरकार पर वोट चोरी और ईवीएम में धांधली के आरोप लगाए थे। भाजपा का कहना है कि एसआईआर का उद्देश्य फर्जी और अपात्र मतदाताओं को सूची से बाहर करना है। हरियाणा विधानसभा चुनावों के दौरान प्रदेश में मतदाताओं की संख्या दो करोड़ से अधिक थी।
‘मन की बात’ को हर जन तक पहुंचाने की रणनीति
प्रधानमंत्री के लोकप्रिय कार्यक्रम- ‘मन की बात’ को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भी भाजपा ने ढांचा मजबूत किया है। प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया की अध्यक्षता में बनी प्रदेश स्तरीय कमेटी में गार्गी कक्कड़, राहुल राणा, आदित्य चावला, भारत भूषण जुयाल, नरेंद्र भारती और मनोज ढाणा को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। लोकसभा क्षेत्रवार संयोजक भी बनाए गए हैं। अंबाला से राजेश बतौरा, कुरुक्षेत्र से धुमन सिंह किरमिच, करनाल से मेघराज गुप्ता, सोनीपत से आजाद नेहरा, रोहतक से प्रदीप जैन, हिसार से मनदीप मलिक, सिरसा से बलदेव ग्रोहा, भिवानी-महेंद्रगढ़ से राकेश शर्मा, गुरुग्राम से हरविंद कोहली और फरीदाबाद से अनिता शर्मा को संयोजक बनाया गया है।
बजट को लेकर भी बनाई प्रदेश टोली एसआईआर के साथ-साथ भाजपा ने केंद्रीय बजट और हरियाणा के वार्षिक बजट को लेकर भी अलग से प्रदेश स्तरीय टोली बनाई है। पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता की अध्यक्षता में गठित इस कमेटी में पूर्व वित्त मंत्री जयप्रकाश दलाल, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता जवाहर यादव, प्रदेश सोशल मीडिया प्रमुख अरुण यादव और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य वरुण श्योराण को शामिल किया गया है। यह टीम बजट से जुड़े फैसलों और घोषणाओं को आम लोगों तक पहुंचाने और जनता से संवाद स्थापित करने का काम करेगी।