हरियाणा सरकार ने किसानों, मजदूरों को दी राहत, शहरी विकास के लिए खोला खजाना

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने बुधवार को किसानों व मजदूरों को राहत देने और शहरों के विकास के लिए प्रदेश का खजाना खोल दिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां (पैक्स) से जुड़े किसानों व मजदूरों के ऋण के निपटान के लिए एकमुश्त समाधान योजना की घोषणा की। इसके तहत छह लाख 81 हजार 182 किसानों व मजदूरों के ब्याज के 2266 करोड़ रुपये माफ किए जाएंगे। मानसून सीजन में बाढ़ से प्रभावित 53,821 किसानों को करीब 116 करोड़ रुपये मुआवजा राशि जारी कर दी गई। बाजरा भावांतर योजना के तहत प्रदेश के 1 लाख 57 हजार किसानों को 358 करोड़ 62 लाख रुपये जारी किए गए। शहरों में विकास की गति देने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और विभिन्न महानगरीय विकास प्राधिकरणों को 1700 करोड़ रुपये दिए गए।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया, अगस्त-सितंबर में हरियाणा में भारी बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई थी। इससे हजारों किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। नुकसान की भरपाई के लिए 15 सितंबर तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया था। क्षतिपूर्ति पोर्टल में दर्ज ब्योरा के सत्यापन के बाद एक लाख 20 हजार 380 एकड़ कृषि क्षेत्र में नुकसान पाया गया। मुआवजा राशि में बाजरे की फसल के लिए 35 करोड़ 29 लाख रुपये, कपास के लिए 27 करोड़ 43 लाख रुपये, धान के लिए 22 करोड़ 91 लाख रुपये और गवार के लिए 14 करोड़ 10 लाख रुपये की राशि शामिल है। इस राशि का भुगतान तुरंत प्रभाव से शुरू कर दिया गया है। अगले एक सप्ताह में पूरी राशि प्रभावित किसानों के खातों में चली जाएगी। इससे पहले सरकार ने बाढ़ के चलते पशु धन की हानि, मकान क्षति व अन्य उपयोगी वस्तुओं के नुकसान की भरपाई के लिए 4 करोड़ 72 लाख रुपये की राशि जारी की थी।

मुख्यमंत्री ने बताया, खरीफ सीजन-2025 की फसलों को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 5 लाख 29 हजार 199 किसानों ने 31 लाख एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण करवाया था। सत्यापन के बाद 53 हजार 821 किसानों की फसल में नुकसान पाया गया। उन्होंने बताया, कई किसानों के खेतों में पानी तो भरा मगर कुछ समय बाद निकल गया। लेकिन किसानों ने सोचा कि उनकी फसल बर्बाद हो गई। सत्यापन व ई-खरीद के दौरान उनकी फसल में नुकसान नहीं मिला। सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान का ब्योरा दर्ज होने के बाद ई-खरीद से भी मिलान किया। इससे 11 हजार 615 एकड़ क्षेत्र मुआवजे से बाहर हो गया।

सीएम ने बताया, बाजरा के किसानों को फसल का उचित मूल्य देने के लिए भावांतर भरपाई योजना शुरू की गई थी। इसके तहत प्रदेश के 1 लाख 57 हजार किसानों को 358 करोड़ 62 लाख रुपये भावांतर के रूप में दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सीजन में कुल 6 लाख 23 हजार मीट्रिक टन बाजरे की खरीद की गई। अब तक किसानों को बाजरा भावांतर के रूप में 927 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। आज की राशि को जोड़कर यह 1285 करोड़ 62 लाख रुपये हो गई है।
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कितनी फसल बर्बाद हुई
नुकलान प्रतिशत फसल बर्बाद (एकड़)

25% तक दो लाख 17 हजार 5645
26-33% 15 हजार 217
34-50% 40 हजार 131
51-75% 42 हजार
76-100% 23 हजार
नोट : मुआवजा न्यूनतम 25 फीसदी तक फसल बर्बाद होने पर दिया जाता है।
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इन जिलों में सबसे ज्यादा हुआ नुकसान

जिला नुकसान (एकड़) मुआवजा (रुपये)
दादरी 25262 हजार साढ़े 23 हजार करोड़
हिसार 17849 हजार 17 करोड़ 81 लाख
भिवानी 15191 हजार 12 करोड़ 15 लाख
सिरसा 8841 हजार 7 करोड़ 11 लाख