लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ती नहीं दिख रही है। अगले साल अप्रैल-मई में प्रस्तावित यूपी पंचायत चुनाव की तैयारियां करीब दो महीने से पूरी तरह थमती नजर आ रही हैं। वार्डों के पुनर्गठन का कार्य भले ही सितंबर में पूरा हो गया हो, लेकिन अब समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग (Dedicated OBC Commission) के गठन की प्रतीक्षा में पूरा चुनावी सिस्टम रुका हुआ है।
वार्ड पुनर्गठन के बाद रुकी कार्रवाई
राज्य में इस वर्ष मई के अंतिम सप्ताह में पंचायतों के वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हुई थी। सितंबर में यह प्रक्रिया पूरी भी कर ली गई। पुनर्गठन के बाद प्रदेश में 504 ग्राम पंचायतें घट गईं, अब कुल संख्या 57,695 रह गई है। जिला पंचायतों के 30 वार्ड कम हुए। क्षेत्र पंचायतों के 830 वार्ड भी घटे हैं।
इसके बाद पंचायती राज निदेशालय ने समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा था। लेकिन, आयोग का गठन अभी तक नहीं हो पाया है, जिससे पूरी चुनावी प्रक्रिया रूकी हुई है।
क्यों जरूरी है आयोग?
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में पिछड़ा वर्ग आरक्षण का निर्धारण आयोग के जरिए ही होगा। आयोग के गठन के बाद ही पंचायतों में प्रशासक तैनात किए जा सकेंगे। साथ ही, आरक्षण सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा और चुनाव की आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। वर्ष 2022 के पंचायत चुनाव में भी 25 दिसंबर 2021 को प्रशासक बैठाए गए थे। मार्च 2022 में पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी हुई थी। 26 मई 2022 तक नई पंचायतें गठित कर दी गई थीं।
मतदाता सूची की तैयारी भी धीमी
पंचायत चुनाव के लिए वोटर लिस्ट की तैयारी भी धीमी दिख रही है। राज्य निर्वाचन आयोग 23 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी करेगा। राज्यभर में लगभग दो करोड़ डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाए जाने हैं, लेकिन जिलों में यह काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। यह देरी भी चुनावी टाइमलाइन को प्रभावित कर सकती है।
चुनाव लड़ने के दावेदार परेशान
प्रधानी से लेकर जिला पंचायत सदस्य तक के संभावित उम्मीदवार इस इंतजार में हैं कि आरक्षण कब तय होगा?अआयोग कब बनेगा?अअचुनावी तैयारियां कब तेज होंगी? इस पूरे मामले में पंचायती राज मंत्री का दावा है कि पंचायत चुनाव समय पर ही कराए जाएंगे, लेकिन जमीन पर तैयारियों की रफ्तार इस दावे से मेल नहीं खा रही। ऐसे में अब राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार के अगले कदम का इंतजार किया जा रहा है।