हरियाणा में इस बार बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड, जमकर बरस रहे बादल, आज इन जिलों में येलो अलर्ट

फरीदाबाद: बादलों की ओट में छिपी सूरज की किरणें और रिमझिम फुहारों ने शुक्रवार को फरीदाबाद समेत पूरे एनसीआर का मौसम बदल दिया. सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा रहा और दोपहर करीब दो बजे कई इलाकों में झमाझम बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दिलाई. बारिश की बूंदों ने जहां सड़कों को भिगो दिया, वहीं लोगों के चेहरे पर ठंडक का अहसास भी ला दिया. सुबह के समय हुई हल्की बरसात ने शहरवासियों को सुकून भरा मौसम दिया. शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहे अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार आज भी आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश की संभावना है, जिसको लेकर मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है. आज अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री तक रह सकता है. हालांकि आर्द्रता बनी रहने के कारण बीच-बीच में चिपचिपी गर्मी परेशान कर सकती है.

बारिश से जहां मौसम सुहावना हुआ वहीं कई जगह जलभराव की समस्या भी देखने को मिली. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह रुक-रुक कर बारिश जारी रही तो सप्ताहांत तक तापमान में और गिरावट हो सकती है. हरियाणा के कई जिलों में भी शुक्रवार को जमकर बारिश हुई. अंबाला में टांगरी नदी उफान पर आ गई, जिससे 17 रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया और एक श्मशान घाट तक में पानी भर गया. प्रशासन और राहत टीमें दिनभर राहत कार्यों में जुटी रहीं. वहीं सिरसा जिले के रत्ताखेड़ा गांव के पास खरीफ चैनल टूटने से 11 एकड़ में खड़ी फसलें पानी में डूब गईं. इस बीच भाखड़ा-पौंग डैम में रिकॉर्ड स्तर तक पानी पहुंच गया. पौंग डैम से इस मानसून में अब तक 9.68 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी छोड़ा गया है जो 1988 और 2023 के रिकॉर्ड को भी पार कर गया है.

मौसम विभाग ने 30 अगस्त को अंबाला, यमुनानगर, मेवात और पलवल में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है. फरीदाबाद समेत एनसीआर के कई जिलों में भी 50 से 75 प्रतिशत तक बारिश की संभावना है. 31 अगस्त को फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेवात और पलवल में 75 से 100 प्रतिशत तक बारिश का पूर्वानुमान है. 1 सितंबर को भी 15 जिलों में यलो अलर्ट रहेगा. इस सीजन में अब तक हरियाणा में सामान्य से 24 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. यमुनानगर में सबसे ज्यादा 892.5 मिमी और महेंद्रगढ़ में 686 मिमी बारिश हुई जबकि सिरसा और कैथल में सबसे कम बारिश दर्ज की गई. लगातार हो रही बरसात से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है वहीं निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.