झज्जर की दो बेटियां बनी लेफ्टिनेंट, दादा, ताऊ और पिता भी सेना में रहे, देश सेवा करेगी तीसरी पीढ़ी

झज्जर/बहादुरगढ़: हरियाणा के झज्जर जिले की दो बेटियां भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनीं हैं। बेटियों की इस उपलब्धि से गांव, जिले व माता-पिता का नाम रोशन हुआ है। गांव उखलचना कोट की निशु फसलवाल और गांव बिरोहड़ की बेटी मिनी सहरावत का चयन भारतीय सेना में बतौर लेफ्टिनेंट हुआ है।

गांव उखलचना कोट की लेफ्टिनेंट निशु फसलवाल अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी है, जो भारतीय सेना में सेवाएं देंगी। लेफ्टिनेंट निशु फसलवाल ने सेना के सबसे बडे़ आर्मी हॉस्पिटल आर एंड आर दिल्ली कैंट से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद लेफ्टिनेंट के पद के लिए शपथ ली।

निशु के पिता सूबेदार विनोद कुमार ने बताया कि यह सिर्फ हमारे परिवार के लिए नहीं बल्कि पूरे गांव और जिले के लिए गर्व की बात है। तीन पीढि़यों से देश सेवा का जज्बा दादा कैप्टन दिलपत सिंह, पिता सूबेदार विनोद कुमार से मिला। बचपन से निशु को सेना की वर्दी का शौक था। निशु ने अपने दादा कैप्टन दिलपत सिंह, ताऊ सूबेदार राकेश कुमार और पिता सूबेदार विनोद कुमार की तरह आर्मी ज्वाइन की। निशु के दादा, ताऊ और पिता आर्मी में मेडिकल कोर में थे। अब निशु भी नर्सिंग सर्विस के जरिये सेना में लेफ्टिनेंट बनी हैं।

निशु ने अपनी बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से की है। इसके अलावा आर्मी स्कूल से 12वीं की पढ़ाई की। एक छोटे से गांव की लड़की ने साबित कर दिया कि अपनी मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है।

मिनी बेस्ट कैडेट, बनी लेफ्टिनेंट
वहीं, गांव बिरोहड़ निवासी मिनी सहरावत का चयन भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में हुआ है। उन्होंने चार वर्ष पहले ऑल इंडिया रैंक वन से लिखित परीक्षा पास की थी और मेहनत के बल पर आज बेस्ट कैडेट का अवार्ड दिल्ली परेड ग्राउंड में हासिल किया। दिल्ली परेड ग्राउंड में लेफ्टिनेंट रैंक से कमिशनिंग प्राप्त की। इनकी पहली पोस्टिंग जम्मू मिलिट्री अस्पताल में रहेगी। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के बल अपने माता-पिता का नाम रोशन किया। शपथ समारोह के अवसर पर इनकी बड़ी बहन डॉ. स्वेता, भाई डॉ. यश सहरावत, भांजा शौर्य हुड्डा उपस्थित रहे। बचपन में मिनी सहरावत स्कूल में खेल-खेल में डॉक्टर का अभिनय करती थी। उन्होंने 12वीं में मेडिकल संकाय से मैरिट सूची में अपना नाम दर्ज करवाया था। उनकी माता माता सुशीला देवी और पिता विजय सहरावत को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।