जानी थाना पुलिस ने सिवालखास के जंगल में 17 सितंबर को हुई अज्ञात महिला की हत्या का खुलासा कर दिया। मृतका की पहचान नईमा यासमीन के रूप में हुई है, जो असम की रहने वाली थी और वर्तमान में मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल थाना क्षेत्र के नगला सैद में अपने पति इमाम शहजाद के साथ रह रही थी। मस्जिदों में इमाम का कार्य करने वाले पति शहजाद ने ही अपने साथी नदीम अंसारी के साथ मिलकर नईमा यासमीन की हत्या की थी।
एसएसपी डॉक्टर विपिन ताडा ने बताया कि दोनों की मुलाकात सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। नईमा यासमीन को पता नहीं था कि शहजाद मस्जिदों में इमाम का कार्य करता है। वह खुद को कपड़ा व्यापारी बताया था। सात महीने पहले दोनों ने शादी की थी। मुजफ्फरनगर जाकर पता चला कि शहजाद पहले से ही शादीशुदा है और तीन बच्चों का पिता है।
शहजाद पांचवीं पास था जबकि असम के डिब्रूगढ़ निवासी नईमा यासमीन ग्रेजुएट थी और एक मल्टी नेशनल कंपनी में काम कर चुकी थी। शहजाद की सच्चाई सामने आने पर दोनों में विवाद रहने लगा था। इसलिए शहजाद ने उसे अपने रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
17 सितंबर को वह अपने साथी नदीम अंसारी के साथ उसे लेकर मेरठ के जानी क्षेत्र में पहुंचा। दोनों ने सवाल खास के जंगल में उसकी गर्दन काटकर हत्या कर दी। शहजाद ने अपने साथी नदीम अंसारी को हत्या में सहयोग करने पर 12 हजार रुपये दिए थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।