शिमला. हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार गजब का व्यवस्था परिवर्तन कर रही है. सरकार में बेरोजगारों के साथ भद्दा मजाक किया जा रहा है. सुक्खू सरकार में रिटायर्ड और टार्यड अफसरों की मौज हो रही है उन्हें दोबारा नौकरी पर रखा जा रहा है. ताजा मामला स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल की बेटी से जुड़ा है और उन्हें रिटायरमेंट के बाद अब छह महीने के लिए सेवा विस्तार दिया गया है.
जानकारी के अनुसार, सोलन से स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल की बेटी गांताजंलि कश्यप सोलन में शिक्षा विभाग में साइकोलॉजी की लेक्चरर हैं. वह जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सोलन में तैनात हैं. अब उन्हें सुक्खू सरकार ने 6 महीने का दिया सेवा विस्तार दिया है. गौरतलब है कि गातांजलि के पति राजेश कश्यप भाजपा नेता है और वह सोलन विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके है. उन्हें, उन्हीं के ससुर धनी राम शांडिल ने हराया था.
हिमचाल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने पूर्व मुख्य सचिव राम सुभग सिंह को मुख्यमंत्री के सलाहकार बनाया है. इसके अलावा, कभी जिस अधिकारी पूर्व मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना पर सीएम सुक्खू ने करप्ट होने के आरोप लगाए थे, उन्हें बिजली बोर्ड के अध्यक्ष बनाया गया है. इसी तरह पूर्व आईएएस अधिकारी गोपाल शर्मा ओएसडी हैं. इसके अलावला, अनिल कपिल, हरीश गज्जू, डॉ. बसु सूद समेत कई अफसर हैं, जिन्हें दोबारा नौकरी पर रखा गया है. तमाम विभाग में सरकार के चेहते अफसरों को सेवा विस्तार दिया गया है. अहम बात है कि सरकार आर्थिक तंगी का रोना रो रही है, जबकि सेवा विस्तार के बाद अफसरों को अच्छी खासी सैलरी दी जा रही है.
छह लाख युवा बेरोजगार
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में छह लाख से ज्यादा युवा बेरोजगार हैं और रोजगार कार्यलय में रजिस्टर हैं. लेकिन जब से प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनी है, तब से चेहते अफसरों के अलावा मित्रों और रिटायर्ड अधिकारियों की मौज है. सरकार जहां नौकरियां देने में कामयाब नहीं हुई है, वहीं, पटवारी,कानूनगो और तहसीलदारों को दोबारा नौकरी पर रख रही है. उधऱ, तीन साल में सुक्खू सरकार अब तक यह नहीं बता पाई है कि उसके कार्यकाल में कितनी सरकारी नौकरियां दी हैं. हर विधानसभा सत्र के दौरान सरकार यही बहाना बनाती है कि सूचना एकत्र की जा रही है.