शिमला: हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक 25 अक्टूबर को होने जा रही है. प्रदेश सचिवालय में ये शनिवार दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित होगी. इस बैठक में नगर निगम शिमला के मेयर एवं डिप्टी मेयर का कार्यकाल बढ़ाने जाने को लेकर रोस्टर से जुड़ा प्रस्ताव लाया जा सकता है. प्रदेश में पंचायती राज चुनाव को समय पर कराए जाने को लेकर भी संशय चल रहा है. इसको लेकर भी कैबिनेट में चर्चा होने के निर्णय लिया जा सकता है. इसके अलावा प्रदेश में मानसून विदा होने के बाद मौसम साफ हो गया है. ऐसे में प्राकृतिक आपदा से उबरने के लिए राहत कार्यों में तेजी लाने को लेकर दिशा निर्देश जारी हो सकते हैं.
युवाओं को मिल सकती है खुशखबरी!
हिमाचल प्रदेश में बेरोजगारी का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में युवाओं को सबसे अधिक कैबिनेट की बैठक का इंतजार रहता है. वहीं, मंत्रिमंडल की हर बैठक में सरकार का भी नए पदों को सृजित करने और विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को भरने का प्रयास रहता है. ऐसे में 25 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली बैठक में युवाओं के लिए नौकरियों को लेकर खुशखबरी मिल सकती है. मंत्रिमंडल की बैठक में सैकड़ों खाली पदों को भरने और नए पदों को सृजित करने की मुहर लग सकती है.
पंचायती राज चुनाव को लेकर साफ होगी तस्वीर!
प्रदेश में मानसून सीजन में आई प्राकृतिक आपदा के बाद सड़क सुविधा बहाल न होने तक डीसी की सिफारिशों पर सरकार ने चुनाव टालने का निर्णय लिया है. हालांकि चुनाव कब होंगे इसको लेकर निर्णय में तारीख का जिक्र नहीं किया गया है. वहीं, अभी तक पंचायत चुनाव का आरक्षण रोस्टर भी जारी नहीं किया गया है. इस तरह से हिमाचल में पंचायत चुनाव को लेकर संशय चल रहा है, जिस पर कैबिनेट की बैठक में चर्चा होने के बाद सरकार पंचायती राज चुनाव को लेकर भी निर्णय ले सकती है.
बरसात में NH समेत 10,542 सड़कें क्षतिग्रस्त
बता दें कि, इस साल बरसात के मौसम में हिमाचल प्रदेश में भारी नुकसान हुआ है. भारी बारिश के कारण प्रदेश में नेशनल हाईवे सहित 10,642 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसमें 1017 किलोमीटर मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड भी शामिल है. वहीं, इस दौरान 2141 कलवर्ट और 86 पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं. इसके अलावा 14 पुलों को तो बाढ़ पूरी तरह से बर्बाद हुए हैं. ऐसे में सड़कों की हालत को सुधारने के लिए सरकार की समय लग सकता है. ऐसे में प्रदेश में कब पंचायत चुनाव होने है, इसको लेकर कैबिनेट की बैठक के बाद ही तस्वीर साफ हो सकती है.