बिलासपुर: बिलासपुर जिले के गुतराहन गांव में शनिवार (13 सितंबर) की सुबह अचानक बादल फटने से इलाके में हड़कंप मच गया. नैना देवी विधानसभा क्षेत्र के नमहोल इलाके में हुए इस प्राकृतिक हादसे में कई वाहन मलबे में दब गए और आसपास की कृषि भूमि भी बुरी तरह प्रभावित हुई. हालांकि, स्थानीय प्रशासन के अनुसार किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि नुकसान काफी भारी हुआ है.
गांव के लोग बताते हैं कि सुबह-सुबह अचानक जोरदार बारिश और बहता पानी मलबे के साथ गांव में घुस गया. गली-मोहल्लों में पानी भर गया और खेतों में खड़ी फसलें बह गईं. ग्रामीण कश्मीर सिंह ने बताया, “पानी और मलबे ने हमारे खेतों पर कहर बरपा दिया. धान और मक्का की फसल पूरी तरह प्रभावित हुई है. वाहन भी बहकर मलबे में फंस गए हैं.”
वाहनों और कृषि भूमि को हुआ नुकसान
स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. ग्रामीणों ने बताया कि कुछ वाहन मलबे में पूरी तरह दब गए हैं, जिन्हें निकालने में समय लग सकता है. वहीं, खेतों में जमा मलबा और बहा हुआ पानी किसान के लिए चिंता का सबब बन गया है. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि नुकसान का आकलन कर मुआवजा प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी.
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में ऐसे हादसे आम हैं, लेकिन इस बार नुकसान बहुत अधिक हुआ है. उन्होंने प्रशासन से जल्दी से जल्दी मलबा हटाने और खेतों की सफाई कराने की मांग की. जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने भी कहा कि टीमों को सतर्क किया गया है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है.
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में मानसून के दौरान अचानक बादल फटना आम बात है. यह अधिकतर उस समय होता है जब पहाड़ों पर भारी बारिश और पानी का प्रवाह एक साथ बढ़ जाता है. भविष्य में इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए ग्रामीणों को पहले से चेतावनी और सुरक्षा उपाय अपनाने की आवश्यकता है.