CM सुक्खू ने बताया कब होंगे पंचायत चुनाव, आपदा में बेघर हुए परिवारों को भी दी खुशखबरी

शिमला: हिमाचल में पंचायत चुनावों को लेकर कई अटकलें लग रही हैं. बीजेपी भी पंचायत चुनाव को लेकर कई तरह के आरोप सरकार पर लगा रहा है. वर्तमान पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, लेकिन अभी तक पंचायत चुनावों को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है. सीएम सुक्खू ने इसका कारण हिमाचल में लगे डिजास्टर एक्ट को बताया है.

सीएम सुक्खू ने पंचायत चुनवों को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि ‘बीजेपी के बयान को गंभीरता से न लिया जाए. साल 2023 में आपदा आने पर भाजपा ने सेशन करवाने की बात कही थी, जब सरकार ने सेशन करवाया और उसमें आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत देने का प्रस्ताव लाया था, तो भाजपा ने वॉकआउट कर दिया. पंचायत चुनाव समय के अनुसार होने हैं. इसके लिए प्रकिया जारी है. हिमाचल में डिजास्टर एक्ट लगा है, इसलिए प्रदेश सरकार का पहला दायित्व आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और पंचायतों की सड़कों को खोलने का है, प्रदेश में जैसे ही पंचायतों की सड़कें खुलेंगी पंचायत चुनाव करवाए जाएंगे.’

इस साल हिमाचल में आई आपदा के कारण कई परिवार प्रभावित हुए हैं. आपदा प्रभावित परिवारों को कब मुआवजा मिलेगा, इस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि ’10 नवंबर को राहत राशि को लेकर मंडी में कार्यक्रम होगा, जिसमें राजस्व मंत्री सहित अन्य मंत्री शामिल होंगे, जिसमें आपदा से प्रभावित ऐसे परिवार जिनके घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं उनको 7.70 लाख की राहत राशि दी जाएगी. मंडी में 4 लाख की राहत राशि की पहली किश्त जारी होगी. वहीं, जिनके घर आंशिक तौर पर क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें 1 लाख और जिनके पशु धन आपदा की भेंट चढ़ गए हैं, उन्हें 55 हजार दिया जाएगा.’

वहीं, चंबा की युवती ने बीजेपी विधायक हंसराज पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. सरकार इसकी गहनता से छानबीन कर रही है. विधायक पर लगे आरोपों के बारे में सीएम सुक्खू ने कहा कि हंसराज पर जो आरोप लगे हैं. उस कर कार्रवाई होनी चाहिए, जिसमें देखा जाएगा कि प्रकार के आरोप लगे हैं, जिस महिला ने आरोप लगाए पहले उन्होंने FIR दर्ज कराई थी, लेकिन उसके बाद दोबारा FIR दर्ज कराई गई, जब पहली FIR दर्ज कराई थी तो उनको बयान से नहीं पलटना चाहिए था, लेकिन एक पीड़ित महिला ने दोबारा इस बारे में बात की है. उस पर हमारी सरकार गहनता से छानबीन कर रही है.

वहीं, धर्मशाला के तपोवन में आयोजित होने विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर सीएम ने कहा कि ये इतिहास का सबसे बड़ा सेशन होने जा रहा है. धर्मशाला में पर्यटन को देखते हुए इस बार नवंबर में शीतकालीन सत्र रखा गया है, ताकि पर्यटन कारोबार प्रभावित न हो.