हमीरपुर: जिला के बड़सर विधानसभा क्षेत्र के करेर गांव की होनहार बेटी आंचल शर्मा ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की ओर से आयोजित एमएससी न्यूक्लियर मेडिसिन टेक्नोलॉजी प्रवेश परीक्षा-2026 में अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम स्थान (AIR-1) हासिल किया है. बेटी की इस उपलब्धि पर पूरे गांव और जिले में खुशी का माहौल है. आंचल को देशभर से बधाई संदेश मिल रहे हैं.
आंचल शर्मा की इस ऐतिहासिक सफलता पर क्षेत्रवासियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक एवं प्रशासनिक प्रतिनिधियों ने उन्हें और उनके परिवार को बधाई दी है. आंचल ने अपनी मेहनत, लगन, अनुशासन और समर्पण के बल पर यह मुकाम हासिल किया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा. आंचल शर्मा ने सफलता से ये साबित किया कि मेहनत के जरिए छोटे से गांव से निकलकर देश-दुनिया में अपना नाम चमकाया जा सकता है. उनकी इस सफलता के पीछे वर्षों की कठिन मेहनत, अध्ययन के प्रति समर्पण और परिवार का सहयोग शामिल है.
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी आंचल शर्मा को विशेष रूप से बधाई दी है. मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि मेरे गृह जिला हमीरपुर के बड़सर विधानसभा क्षेत्र की निवासी आंचल शर्मा ने AIIMS द्वारा आयोजित M.Sc. न्यूक्लियर मेडिसिन टेक्नोलॉजी प्रवेश परीक्षा-2026 में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर हिमाचल प्रदेश को गौरवान्वित किया है. ये उपलब्धि प्रदेश के लिए गर्व और सम्मान का विषय है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के युवा लगातार विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं. आंचल शर्मा की सफलता भी इसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी है. सीमित संसाधनों के बावजूद हिमाचल के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर देशभर में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आंचल की यह उपलब्धि प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी. इससे युवाओं में प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि प्रदेश के युवा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकें. वहीं, आंचल शर्मा की इस सफलता पर पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है. स्थानीय लोगों ने विश्वास जताया है कि उनकी ये उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनने के साथ उन्हें बड़े सपने देखने और उसे साकार करने का साहस देगी.