‘सपा का समाजवाद असल में यादव..’, अखिलेश यादव पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव जिस तरह से बीजेपी शासित मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगे कथित आरोपों को लेकर उनके बचाव में कूद पड़े हैं, उसपर असदुद्दीन ओवैसी भड़क गए हैं। उनका कहना है कि अखिलेश यादव को यहां भी सिर्फ यादव जाति की ही चिंता है और मुसलमानों के साथ कुछ भी हो जाए, उन्हें कोई मतलब नहीं।

‘मोहनजी के सम्मान में, अखिलेश भैया मैदान में’
असदुद्दीन ओवैसी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के बचाव में आए अखिलेश यादव के बयान पर छपी एक रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा है, ‘मोहनजी के सम्मान में, अखिलेश भैया मैदान में। एक भाई बस अपना कर्तव्य निभा रहे हैं।’

‘सपा का समाजवाद असल में यादव समाजवाद है’
इसके आगे ओवैसी ने यूपी में मुसलमानों को कथित तौर पर टारगेट किए जाने का आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव पर सवाल उठाया है कि उन्हें मुसलमानों की चिंता क्यों नहीं होती। उनका कहना है, ‘उत्तर प्रदेश में आए दिन मुसलमानों को निशाना बनाया जाता है, उन पर झूठे इल्जाम लगाकर जेल भेज दिया जाता है। अखिलेश उनके लिए कभी कुछ नहीं कहते..लेकिन भाजपा के एक मुख्यमंत्री के लिए देखिए कितनी हमदर्दी है।’

मोहन यादव के बचाव में उतरे हैं अखिलेश
दरअसल, मंगलवार को लखनऊ में जब मीडिया ने अखिलेश यादव से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगे आरोपों को लेकर सवाल किया था तो उन्होंने उनका बचाव करते हुए सारा ठीकरा बीजेपी पर फोड़ने की कोशिश की थी।

मोहन यादव जी को बदनाम करने के लिए बीजेपी ने ये साजिश की है। और अगर मोहन यादव पर ये आरोप है तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तो 300…600 एकड़ जमीन ली है। …ये कोई नई बात थोड़े ही है कि उन्होंने कोई जमीन ली है। अगर उन्होंने जमीन ली है तो वो पुराने रियल एस्टेट का काम करते थे। क्या आप ये नहीं जानते कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पहले से रियल एस्टेट का काम करते थे…।
अखिलेश यादव, अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी (23 जून, 2026)

सपा के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश!
उत्तर प्रदेश में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं और इसको लेकर असदुद्दीन ओवैसी अभी से बहुत ज्यादा सक्रिय हैं।
यूपी में मुस्लिम-यादव को समाजवादी पार्टी का वोट बैंक माना जाता है और माना जा रहा है कि ओवैसी उसी में सेंध लगाने की कोशिशों में जुटे हैं।
ओवैसी की रणनीति मुस्लिम, गैर-यादव पिछड़ा और दलित वोट बैंक को एकजुट करने की है और इसी वजह से यह भी अटकलें हैं कि वह तीसरा मोर्चा बनाने का भी प्रयास कर रहे हैं।
हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने जिस तरह से अखिलेश यादव पर मुस्लिम और यादव वाला अटैक किया है, वह भी उसी राजनीति का हिस्सा लग रहा है।

मोहन यादव पर कांग्रेस ने लगाया है आरोप
इस बीच मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगाए जा रहे जमीन घोटाले के आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया है।
बीजेपी नेता का दावा है कि जब भी प्रदेश को पिछड़े वर्ग का सीएम मिलता है, कांग्रेस उसे कमजोर करने की कोशिश करती है।
बीजेपी के अनुसार 2023 में नामांकन भरते समय सीएम यादव ने अपने पास जितनी जमीन बताई थी, उसमें कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है और न ही उनकी पत्नी और बेटे की जमीन में किसी तरह का इजाफा हुआ है।
दरअसल, मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए मोहन यादव और उनके परिवार वालों पर सीएम बनने के बाद बड़े जमीन सौदे का आरोप लगाया था।
कांग्रेस ने इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के एक मौजूदा जज तक से करवाने की भी मांग की है।