हिमाचल में बिजली की नई दरों का प्रारूप तैयार, तय हो गया कब होगा एलान; आपकी जेब पर कितना बोझ पड़ेगा?

हिमाचल प्रदेश में बिजली की नई दरों को लेकर फैसला इसी सप्ताह आने की संभावना है। राज्य बिजली बोर्ड की ओर से दायर बिजली दरों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। अब नियामक आयोग नई दरों की घोषणा की तैयारी में है। उम्मीद है कि आने वाले तीन से चार दिनों में नए टैरिफ का एलान किया जा सकता है।

नई दरें पहली अप्रैल से प्रभावी किया जाना प्रस्तावित है। 22 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं की नजर अब आयोग के फैसले पर टिकी हुई है। राज्य बिजली बोर्ड ने अपने बढ़ते खर्च को देखते हुए बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है।

30 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की मांग
बोर्ड ने आयोग के समक्ष दायर याचिका में घरेलू और अन्य श्रेणियों के लिए बिजली की दरों में 7 पैसे से लेकर 30 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की मांग की है। बिजली बोर्ड का तर्क है कि सरकार की ओर से मिलने वाली फ्री बिजली के बंद होने के बाद बिजली की सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए बोर्ड को बिजली खरीदनी पड़ेगी। इससे बोर्ड का खर्च बढ़ रहा है, इसे पूरा करने के लिए दरों में बढ़ोतरी की जानी प्रस्तावित है।

राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली बोर्ड की याचिका पर तीन बार सुनवाई की है। इसके अलावा आयोग ने सभी पक्षों के साथ एक खुला संवाद भी शिमला में किया था। इसमें औद्योगिक, घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर व्यवसायिक उपभोक्ताओं व अन्य हितधारकों को अपनी बात रखी है।

सभी सुझावों और आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए आयोग ने नई बिजली दरों का प्रारूप तैयार कर लिया है। अब अंतिम औपचारिक घोषणा की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। नियमों के तहत जब भी बिजली बोर्ड टैरिफ बढ़ाने या संशोधित करने के लिए याचिका दायर करता है, तो नियामक आयोग को 120 दिनों के भीतर उस पर फैसला सुनाना होता है।

नई बिजली दरों को आगामी वित्तीय वर्ष से लागू किया जाना प्रस्तावित है। यदि इस सप्ताह घोषणा हो जाती है तो 1 अप्रैल से प्रदेशभर में संशोधित बिजली दरें प्रभावी हो जाएंगी।