HRTC पेंशनरों को गुड न्यूज, अब हर महीने 7 से 10 तारीख के बीच मिलेगी पेंशन, CM सुक्खू का ऐलान

हिमाचल प्रदेश के एचआरटीसी पेंशनरों को महीनों तक पेंशन के लिए इंतजार, धरने-प्रदर्शन और सरकार से लगातार गुहार लगाने के बाद बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें अपनी पेंशन के लिए अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़ेगा। राज्य सरकार ने भरोसा दिया है कि हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के सभी पेंशनरों को हर महीने 7 से 10 तारीख के बीच पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए सरकार हर माह 23 करोड़ रुपये की ग्रांट उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यह घोषणा शिमला में एचआरटीसी पेंशनर्स जॉइंट एक्शन कमेटी के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के दौरान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम कर रही है।

बैठक में पेंशनरों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में उन्हें पेंशन प्राप्त करने के लिए दो-दो और तीन-तीन महीने तक इंतजार करना पड़ता था। इससे कई रिटायर्ड कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने उम्मीद जताई कि तय समय पर पेंशन मिलने से अब हजारों पेंशनरों की चिंता दूर होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एचआरटीसी ने प्रदेश के विकास और लोगों को परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। निगम के वर्तमान और रिटायर्ड कर्मचारी इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं और उनके अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने एचआरटीसी प्रबंधन को निर्देश दिए कि अक्टूबर 2025 के बाद रिटायर हुए उन कर्मचारियों के मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए, जिनकी पेंशन अब तक शुरू नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि पेंशन किसी भी रिटायर्ड कर्मचारी का वैधानिक अधिकार है और इसे समय पर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

बंपर भर्ती
पेंडिंग मेडिकल क्लेम के लिए 20 करोड़ रुपये होंगे जारी
मुख्यमंत्री ने पेंशन के अलावा एचआरटीसी के पेंडिंग मेडिकल रीइम्बर्समेंट क्लेम के भुगतान के लिए 20 करोड़ रुपये जारी करने की भी घोषणा की। इससे उन रिटायर्ड कर्मचारियों और उनके परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से मेडिकल बिलों के भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

बैठक में मुख्यमंत्री ने एचआरटीसी की वित्तीय स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि निगम को हर वर्ष लगभग 1,500 करोड़ रुपये प्राप्त होते हैं, जिनमें करीब 800 करोड़ रुपये निगम की अपनी आय तथा लगभग 720 करोड़ रुपये राज्य सरकार के अनुदान के रूप में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी प्रदेशभर में लगभग 3,000 बसों का संचालन करता है और पहाड़ी राज्य में परिवहन सेवाएं बनाए रखने के लिए भारी खर्च उठाना पड़ता है। इसके बावजूद सरकार निगम को मजबूत बनाने तथा कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सहयोग देती रहेगी।