हिमाचल प्रदेश सरकार ने मंत्रियों, विधायकों, मुख्य सचिव (सीएस), एसीएस और उपायुक्तों (डीसी) का वेतन छह माह तक स्थगित करने का फैसला तीन माह में ही वापस ले लिया। अब इन्हें जुलाई में अप्रैल, मई और जून के एरियर के साथ पूरा वेतन मिलेगा। रविवार को सचिवालय में हुई वित्त विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह फैसला लिया। सीएम ने कहा कि आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद किए हैं। बिजली बोर्ड को 2,200 करोड़ की ग्रांट देते थे। अब 1,000 करोड़ दे रहे हैं। पहले एक परिवार दस-दस मीटरों पर सब्सिडी लेता था। अब सरकार ने दो मीटर पर ही 125-125 यूनिट का लाभ देने का प्रावधान किया।
65 से 70 आयुवर्ग के पेंशनरों को जुलाई में मिलेगा संशोधित पेंशन का पूरा एरियर
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को वित्त विभाग की बैठक में 65 से 70 वर्ष आयुवर्ग के पेंशनरों को नए वेतनमान लागू होने के बाद से संशोधित पेंशन का पूरा एरियर जारी करने का निर्देश दिया है। यह एरियर अगले महीने मिलेगा। सीएम ने कहा कि इसके लिए राशि सरकार देगी। कर्मचारियों के लंबित एरियर और महंगाई भत्ते की समीक्षा करते हुए सीएम ने कहा कि कर्मचारी राज्य की रीढ़ हैं। सरकार ने पुरानी पेंशन योजना बहाल की है।
वहीं हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) पेंशनर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी के पदाधिकारियों के साथ सीएम ने बैठक में फैसला किया कि निगम पेंशनरों को प्रत्येक माह की 7 से 10 तारीख के बीच पेंशन जारी की जाएगी। इसके लिए सरकार हर माह 23 करोड़ रुपये ग्रांट देगी। सीएम ने कहा कि एचआरटीसी का राज्य के विकास में उल्लेखनीय योगदान है। पूर्व और वर्तमान कर्मचारी निगम को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने निगम प्रबंधन को निर्देश दिए कि अक्तूबर 2025 के बाद सेवानिवृत्त उन कर्मियों को शीघ्र पेंशन लाभ दें, जिनकी पेंशन शुरू नहीं हुई। सीएम ने एचआरटीसी के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के निपटारे के लिए 20 करोड़ जारी करने की घोषणा की।
सीएम बोले कि एचआरटीसी को प्रतिवर्ष लगभग 1,500 करोड़ रुपये प्राप्त होते हैं, जिनमें लगभग 800 करोड़ निगम की आय तथा 720 करोड़ सरकार से ग्रांट के रूप में प्राप्त होते हैं। एचआरटीसी करीब 3,000 बसों का संचालन करता है और इस पर भारी व्यय होता है, जिससे निगम का वित्तीय बोझ बढ़ता है। सीएम ने लीव इन कैशमेंट व ग्रैच्युटी तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पेंशनरों की राशि व पेंशनरों का सेवाकाल के दौरान रात्रि भत्ता व ओवरटाइम नियमित कर्मियों से अलग से सरकार को भेजने के निर्देश दिए।