धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की सराज घाटी में आई आपदा में 11 माह के बेटी नितिका अनाथ हो गई थी. सैलाब में नितिका की मां, पिता और दादी बह गए थे. अब नितिका को उसकी बुआ पाल रही हैं. वहीं, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के कुछ आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने गग्गल एयरपोर्ट पर 11 माह की बच्ची नीतिका और उनके परिवार से मुलाकात की. इस दौरान पीएम ने नितिका को गोदी में उठाया और गालों को सहलाए और कुछ देर के लिए उनके साथ खेलते नजर आए. गौरतलब है कि अब नितिका 1 साल की हो गई हैं.
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद बाद नितिका की बुआ किरण ने बताया कि पीएम मोदी से उनकी मुलाकात हुई है. बुआ किरण ने बताया कि पीएम ने उनसे कहा कि जो मदद होगी वो की जाएगी. किरण ने बताया कि वह सोमवार को कांगड़ा पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि बच्ची की लोग भी काफी मदद कर रहे हैं. किरण ने बताया कि पीएम ने नितिका की पढ़ाई और लिखाई का खर्च सरकार की तरफ वहन उठाया जाएगा. गौर रहे कि कुल 4 आपदा प्रभावितों से मुलाका की.
प्रदेश के मंडी जिले की सराज घाटी के गोहर की 11 माह की बेटी निकिता का घर 30 जून 2025 को आए सैलाब में बह गया था. निकिता घर में सो रही थी तो पास के नाले में फ्लड आ गया और परिवार के लोग पानी का रास्ता बदलने के लिए वहां पहुंचे. बाद में सैलाब में दादी, मां और पिता बह गए. सराज विधानसभा क्षेत्र के गोहर के परवाड़ा गांव की बच्ची नितिका अब बुआ के पास रहती है.
गोद लेने के लिए लोगों ने किया था अप्लाई
नितिका की तस्वीरें बाद में सोशल मीडिया में खूब वायरल हुई थी. एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी की पहल पर नितिका की वित्तीय सहायता के लिए एक खाता भी खुलाया गया है और लोग उसमें मदद कर रहे हैं. साथ ही निजी तौर पर भी घर जाकर भी मदद की है. अहम बात है कि प्रदेश भर से 150 से अधिक लोगों ने भी नितिका को गोद लेने के लिए अप्लाई किया था, लेकिन परिवार ने उसे खुद ही पालने की बात कही थी. प्रशासन की तरफ से खुलवाए गए खाते में राहत राशि बालिग होने के बाद 18 साल बाद बेटी नितिका को दी जाएगी.
कैसे बची थी नितिका की जान
दरअसल, माता पिता को डर था कि रात को फ्लैश फ्लड उनके घर की तरफ आ सकता है और वह बच्ची को घर के एक कमरे में सोता हुआ छोड़कर नाले की तरफ गए थे. बाद में सैलाब घर की तरफ नहीं आया था और सुबह लोगों ने जब देखा तो घर में बच्ची मिली थी औऱ माता पिता और दादी लापता था.