नाहन. हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला में राजगढ़ विकास खंड के अंतर्गत ग्राम भाणत के मनोण गांव की महिला कांस्टेबल नेहा शर्मा के आकस्मिक निधन से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है. हाल ही में पुलिस विभाग में नियुक्त हुई नेहा ने सेवा के पथ पर अभी कदम ही रखा था कि अचानक आई बीमारी ने उनकी जीवन यात्रा को थाम लिया. जानकारी के अनुसार, नेहा शर्मा पुलिस प्रशिक्षण केंद्र बस्सी में तैनात थीं. परिवार और क्षेत्रवासियों के लिए यह आघात असहनीय है, क्योंकि नेहा ने अपने सपनों को साकार करने की दिशा में अभी शुरुआत ही की थी.
नेहा के पिता कमल दत्त शर्मा और उनकी माता निशा शर्मा पर दुःख का पहाड़ टूट गया है. नेहा का पार्थिव शरीर सोमवार की प्रातः उनके पैतृक गांव मनौण लाया गया था, तदोपरांत इनका अंतिम संस्कार फागू नाला में राजकीय सम्मान के साथ किया गया. नेहा के छोटे भाई अभय शर्मा ने अपनी बड़ी बहन को मुखग्नि दी, जिसे देखकर व्यक्ति की आंखों नम हो गई.
इस घटना का सबसे मार्मिक पक्ष यह रहा कि नेहा अपना पहला वेतन स्वयं प्राप्त नहीं कर सकीं. उनकी मृत्यु के बाद सोमवार को उनके बैंक खाते में पहला वेतन जमा हुआ.ठीक उसी समय जब पैतृक गांव मनोण में उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा था. इस संयोग ने उपस्थित जनसमूह की आंखें नम कर दीं.अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, परिजनों
पुलिस विभाग की ओर से नेहा को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. जवानों ने सलामी देकर अपनी साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की.इस अवसर पर दरोह के डीएसपी तिलक राज शांडिल तथा राजगढ़ के डीएसपी वीसी नेगी सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी. नेहा एक अनुशासित, परिश्रमी और कर्तव्यनिष्ठ सिपाही थीं, जिनसे विभाग को भविष्य में बड़ी उम्मीदें थीं. नेहा शर्मा का असामयिक निधन न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र और पुलिस विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है.
नेहा को अल्सर में थी दिक्कत
ट्रेनिंग के दौरान नेहा बीमार पड़ गई थी औऱ उसे टांडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था, जहां पर रविवार को उनकी मौत हो गई. नेहा को अल्सर की दिक्कत थी, जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था.