हिमाचल में बारिश ने तोड़ा 20 साल का रिकॉर्ड, अक्टूबर में बरसा 173 फीसद अधिक पानी; देखें IMD का डेटा

हिमाचल प्रदेश में इस बार अक्टूबर की बारिश ने पिछले दो दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक अक्टूबर 2025 में पूरे राज्य में औसतन 68.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह 2005 के बाद से अक्टूबर महीने में सबसे अधिक वर्षा है। गौरतलब है कि 1901 के बाद यह अक्टूबर की चौथी सबसे भारी बारिश रही। साल 1955 में 413.5 मिमी बारिश के साथ अब भी ऑल-टाइम रिकॉर्ड कायम है।

सिरमौर सबसे ज्यादा भीगा, किन्नौर सबसे कम
जिला स्तर की बात करें तो सिरमौर ने सबसे ज्यादा वर्षा दर्ज की, जहां अक्टूबर में 96.9 मिमी बारिश हुई। कांगड़ा (95.4 मिमी) और सोलन (93.7 मिमी) भी ऊंचे पायदान पर रहे। वहीं किन्नौर में सबसे कम 37.6 मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई। डेटा के मुताबिक बिलासपुर में सामान्य से 613% ज्यादा बारिश हुई, जो राज्य में सबसे बड़ा पॉजिटिव अंतर रहा। इसके विपरीत किन्नौर में सबसे कम 66% का अंतर रहा।

जिला इस बार की बारिश (मिमी) सामान्य बारिश (मिमी) अंतर (%)
बिलासपुर 92.6 13 613
चंबा 92.7 34.5 169
हमीरपुर 67.6 20.9 223
कांगड़ा 95.4 27.7 244
किन्नौर 37.6 22.7 66
कुल्लू 82.1 24.8 231
लाहौल और स्पीति 46.9 23.9 96
मंडी 69.8 19.9 251
शिमला 59.5 25.8 131
सिरमौर 96.9 28.8 237
सोलन 93.7 21.3 340
ऊना 64.1 18.7 243
कुल हिमाचल प्रदेश में 68.5 25.1 173
शुरुआत में ही आया भारी मौसम सिस्टम

IMD का कहना है कि अक्टूबर का सबसे सक्रिय दौर शुरुआत के हफ्ते में देखने को मिला। 7 और 8 अक्टूबर को कई क्षेत्रों में बेहद भारी बारिश दर्ज की गई। बिलासपुर के नैना देवी में 132.6 मिमी और सोलन में 119.6 मिमी बरसात दर्ज हुई। किन्नौर के वांगतू, चंबा के खेरी, सिरमौर के पच्छाद और सोलन के कसौली में भी भारी वर्षा दर्ज की गई।

आगे कैसा रहेगा हिमाचल का मौसम
मौसम विभाग के शिमला केंद्र द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार नवंबर के पहले सप्ताह में कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है। इसके बाद मौसम ज्यादातर शुष्क रहने का अनुमान है। IMD ने बताया कि हिमाचल के सभी 12 जिलों में अक्टूबर महीने में ‘लार्ज एक्सेस प्रसीपिटेशन’ दर्ज किया गया, यानी सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई।