हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले का सुजानपुर गुरुवार को इतिहास का गवाह बना. जब वायुसेना के नौ ‘हॉक्स’ विमानों ने आसमान को अपनी गर्जना से भर दिया, तो सुजानपुर चौगान मैदान में मौजूद हजारों लोगों की सांसें थम गईं. लेकिन इस रोमांच के बीच एक भावुक कर देने वाला पल तब आया, जब पायलटों ने आसमान में 90 डिग्री की उड़ान भरकर ‘दिल’ बनाया और अपने ही जांबाज साथी शहीद विंग कमांडर रमन सियाल को आसमान की गहराइयों से श्रद्धांजलि दी.
22 मिनट का रोमांच
भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम ने सुजानपुर टिहरा के आसमान पर करीब 22 मिनट तक अपना जादू बिखेरा. भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद नौ विमानों ने ऐसी कलाकृतियां बनाईं कि लोग दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर हो गए. पहली बार आयोजित इस शो को देखने के लिए हमीरपुर ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिले कांगड़ा के विभिन्न स्कूलों के छात्र और हजारों की संख्या में आम जनता उमड़ी.
‘मेरा बेटा भी ऐसे ही उड़ता था…’
इस शो का सबसे इमोशनल हिस्सा वह था जब विमानों ने आसमान में कलाबाजी करते हुए शहीद रमन सियाल के नाम पर श्रद्धांजलि दी. इस ऐतिहासिक शो को देखने के लिए शहीद विंग कमांडर रमन सियाल के पिता जगन नाथ और माता बीना देवी भी सुजानपुर सैनिक स्कूल पहुंचे थे. उनकी आंखें लगातार आसमान की ओर टिकी थीं. उनके मुताबिक, उनका बेटा भी इसी तरह आसमान की ऊंचाइयों में उड़ान भरता था. रमन सियाल खुद सुजानपुर सैनिक स्कूल के छात्र रहे थे.
प्रशासनिक मौजूदगी में शक्ति का परिचय
एयर शो के दौरान सुजानपुर सैनिक स्कूल की प्रिंसिपल ग्रुप कैप्टन रचना जोशी, स्कूल का समस्त स्टाफ और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे. लड़ाकू विमानों ने न केवल सुजानपुर, बल्कि आसपास के गांवों के ऊपर से भी उड़ान भरकर भारतीय वायुसेना की ताकत का परिचय दिया. पायलटों ने अपनी कुशलता से यह साबित कर दिया कि वे किसी भी दुर्गम भौगोलिक परिस्थिति में कलाबाजी दिखाने में सक्षम हैं.