शिमला। प्रदेश के कई स्थानों पर रविवार सुबह चली आंधी व वर्षा से कृषि और बागवानी को नुकसान पहुंचा है। जुब्बल और शिलाई विधानसभा क्षेत्र के लानी बोराड सहित कुछ स्थानों पर घरों की छतें उड़ गईं। कई स्थानों पर आंधी के कारण पेड़ उखड़ गए। रविवार को शिमला, कुल्लू, मंडी व बिलासपुर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चली। इसके अलावा कई स्थानों पर वर्षा व ओलावृष्टि हुई। शिमला के बैनमोर वार्ड में बिजली गिरने से एक पेड़ दोफाड़ और फाइव बैंच क्षेत्र के पास क्षतिग्रस्त हो गया।
हाउसिंग बोर्ड कालोनी में पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति व यातायात प्रभावित हो गया। सोलन के कथेड़ में 33 केवी की मुख्य बिजली लाइन पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई। सिरमौर जिले में तूफान व वर्षा से गेहूं और जौ की फसल को नुकसान पहुंचा।
कालाअंब-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार सुबह बोहलियों के पास पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर आ गिरा। इससे दोनों और वाहनों की कतारें लग गईं और यातायात बाधित हो गया। ऊना जिले में वर्षा व तूफान चलने से जनजीवन प्रभावित हुआ। खंभे व तारें टूटने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
आंधी और ओलावृष्टि के कारण सेब सहित गेहूं, मटर आदि की फसलों को नुकसान हुआ है। इन दिनों ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब की सेटिंग हो रही है और ऐसे में ठंड के कारण सेटिंग प्रभावित हुई है। यही नहीं आड़ू, खुबानी आदि को भी नुकसान हुआ है।
प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा पालमपुर में 38, रामपुर में 32, रोहड़ू में 25, शिमला के सराहन में 28, बिलासपुर में 24 मिलीमीटर दर्ज की गई। हिमपात व वर्षा के कारण ठंड एक बार फिर बढ़ गई है। दिन के अधिकतम तापमान में 9.5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है।
सुबह शिमला सहित कई सथानों पर घने बादलों और धुंध के कारण अंधेरा छा गया और दृश्यता प्रभावित रही। मौसम विभाग ने चार व पांच मई को चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और शिमला में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चलने व ओलावृष्टि का आरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान ऊंचे क्षेत्रों में हिमपात व निचले क्षेत्रों में वर्षा की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता सात मई तक रहने का अनुमान है।