शिमला: हिमाचल प्रदेश को अक्सर लंबी आयु, बेहतर सामाजिक संकेतकों और अपेक्षाकृत स्वस्थ जीवनशैली वाले राज्यों में गिना जाता है। लेकिन राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) 2023-24 की नई रिपोर्ट एक अलग तस्वीर भी सामने लाती है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के 30.2 प्रतिशत पुरुष शराब का सेवन करते हैं। सरल शब्दों में कहें तो यदि 100 वयस्क पुरुषों को एक साथ खड़ा किया जाए तो उनमें से लगभग 30 पुरुष शराब पीते हैं। यही वजह है कि इस आंकड़े को आम बोलचाल में “हर तीसरा वयस्क पुरुष” कहा जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हिमाचल में शराब पीने वाले पुरुषों का प्रतिशत उत्तर भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अधिक है। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर कुछ पूर्वोत्तर और दक्षिण भारतीय राज्यों में यह प्रतिशत ज्यादा है, लेकिन उत्तर भारत में हिमाचल शीर्ष पर बना हुआ है।
NFHS-5 (2019-21) में हिमाचल प्रदेश में शराब सेवन करने वाले पुरुषों का प्रतिशत 31.9 था। नए सर्वे में यह घटकर 30.2 प्रतिशत हुआ है। यानी करीब 1.7 प्रतिशत अंकों की कमी दर्ज की गई है। हालांकि यह गिरावट सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह कमी इतनी बड़ी नहीं है कि इसे बड़ा बदलाव कहा जा सके।
रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में शराब सेवन की दर 30.6 प्रतिशत है, जबकि शहरी क्षेत्रों में 27.6 प्रतिशत पुरुष शराब का सेवन करते हैं। इससे स्पष्ट है कि ग्रामीण हिमाचल में यह प्रवृत्ति अपेक्षाकृत अधिक है।
पड़ोसी राज्यों से काफी आगे हिमाचल
आंकड़ों पर नजर डालें तो हिमाचल अपने पड़ोसी और उत्तर भारतीय राज्यों से काफी आगे दिखाई देता है। उत्तराखंड में 27.2 प्रतिशत, पंजाब में 22.9 प्रतिशत, चंडीगढ़ में 21.6 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 18.7 प्रतिशत, हरियाणा में 17.5 प्रतिशत और दिल्ली में 16.1 प्रतिशत पुरुष शराब पीते हैं। राजस्थान में यह आंकड़ा 10.7 प्रतिशत और जम्मू-कश्मीर में केवल 7.3 प्रतिशत है। यानी उत्तर भारत में शराब सेवन की सबसे बड़ी चुनौती हिमाचल के सामने दिखाई देती है।
महिलाओं में शराब सेवन बेहद कम
रिपोर्ट का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि जहां पुरुषों में शराब सेवन 30.2 प्रतिशत है, वहीं महिलाओं में यह आंकड़ा केवल 0.6 प्रतिशत दर्ज किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश में शराब सेवन मुख्य रूप से पुरुषों तक ही सीमित है।
तंबाकू सेवन में भी चिंताजनक तस्वीर
शराब के साथ-साथ तंबाकू सेवन के मामले में भी हिमाचल के आंकड़े चिंता बढ़ाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार 15 वर्ष से अधिक आयु के 28.9 प्रतिशत पुरुष किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह प्रतिशत 29.5 है, जबकि शहरी क्षेत्रों में 24.6 प्रतिशत दर्ज किया गया। महिलाओं में तंबाकू सेवन का प्रतिशत 1.9 है।
स्वास्थ्य संकेतक भी दे रहे चेतावनी
NFHS-6 रिपोर्ट केवल शराब और तंबाकू तक सीमित नहीं है। प्रदेश में स्वास्थ्य से जुड़े कई अन्य संकेतक भी चिंता पैदा करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 15 वर्ष से अधिक आयु के 31.7 प्रतिशत पुरुष उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) से प्रभावित हैं या उसका इलाज ले रहे हैं। महिलाओं में यह प्रतिशत 24.1 है। इसी तरह 20 प्रतिशत पुरुषों और 20.6 प्रतिशत महिलाओं में रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर सामान्य से अधिक पाया गया या वे मधुमेह नियंत्रित करने की दवा ले रहे थे।
10 हजार से अधिक परिवारों से जुटाई गई जानकारी
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के तहत हिमाचल प्रदेश में 10,437 परिवारों को शामिल किया गया। सर्वे के दौरान 10,271 महिलाओं और 1,469 पुरुषों से स्वास्थ्य, पोषण, जीवनशैली और सामाजिक व्यवहार से जुड़े सवाल पूछे गए। विशेषज्ञ मानते हैं कि शराब, तंबाकू, मोटापा, तनाव और बदलती जीवनशैली इन स्वास्थ्य समस्याओं के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
क्यों चिंता की बात है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक शराब सेवन से लिवर रोग, हाई ब्लडप्रेशर , हृदय संबंधी बीमारियां, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं और कई प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं, घरेलू हिंसा और आर्थिक समस्याओं से भी शराब सेवन का संबंध देखा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हिमाचल में शराब सेवन सामाजिक रूप से अपेक्षाकृत अधिक स्वीकार्य माना जाता रहा है। ऐसे में केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जागरूकता अभियान, नशा मुक्ति कार्यक्रम, युवाओं के लिए परामर्श सेवाएं और समुदाय आधारित हस्तक्षेप अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं।