सिरमौर: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के आयुर्वेदिक अस्पतालों एवं हेल्थ सेंटरों में आने वाले मरीज सिर्फ 4-5 तरह के चूर्ण के सहारे हैं, जबकि दवाओं का स्टॉक अभी तक नहीं पहुंच पाया है. मरीज के तीमारदारों के अनुसार हालात यह है कि आयुर्वेदिक संस्थानों में दवाओं का स्टॉक लगभग पूरी तरह से खत्म हो चुका है. इसके चलते मरीज अस्पतालों से बैरंग लौट रहे हैं और उन्हें महंगे दामों पर बाजारों से दवाएं खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है. इस कारण लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
हिमाचल के आयुर्वेदिक अस्पतालों में दवाओं का टोटा
मरीजों के अनुसार, हालात ये है कि कई महीनों से आयुर्वेदिक स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं का नया स्टॉक ही नहीं पहुंच पाया है. लिहाजा अस्पतालों में दवाइयों की जितनी खेप उपलब्ध थी, वह भी अब लगभग खत्म हो चुकी है. पिछले 3 महीनों से इन संस्थानों में दवाओं का भारी टोटा है. कुछ दिनों पहले पिछले महीने अश्वगंधा, कारवेल्लक, बिल्व, अर्जुन त्वक, दशम संस्कार चूर्ण की कुछ सप्लाई जरूर आयुर्वेदिक संस्थानों को हुई है, जो मरीजों को मुहैया करवाया जा रहा है, लेकिन दवाओं का 95 फीसदी स्टॉक खत्म हो चुका है.
आयुर्वेदिक अस्पतालों में दवाओं की कमी
आयुर्वेदिक अस्पताल और हेल्थ सेंटर में भी दवा की समस्या
प्रदेश के आयुर्वेदिक अस्पतालों और हेल्थ सेंटरों में भी यह समस्या बताई जा रही है, लेकिन जिला सिरमौर के आयुष अस्पताल नाहन समेत पांवटा साहिब के अलावा जिला के तमाम 89 आयुर्वेदिक हेल्थ सेंटरों में पिछले करीब 3 महीनों से यह समस्या बनी हुई है. अक्टूबर माह तक 20 फीसदी ही दवाएं अस्पतालों में उपलब्ध थी, लेकिन अब मरीजों को वह दवाएं भी नहीं मिल पा रहा है. यह समस्या पिछले कई महीनों से दवाओं का नया स्टॉक न आने के कारण उत्पन्न हुई है. यही वजह है कि अस्पतालों से मरीजों को दवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही है. सबसे बड़ी समस्या उन मरीजों को उठानी पड़ रही है, जिनका आयुर्वेदिक अस्पतालों से नियमित रूप से इलाज चल रहा है.
अस्पतालों के स्टोर खाली, बैरंग लौट रहे मरीज
उधर आयुर्वेदिक स्वास्थ्य संस्थानों के दवा काउंटरों पर मरीजों को कुछ दिनों से विभिन्न तरह का चूर्ण तो मिल रहा है, लेकिन कुछ दवा बड़ी बमुश्किल से ही मिल पाती है, जबकि सप्लाई न आने के कारण अन्य दवाओं को बाजार से ही खरीदने के लिए कहा जा रहा है. ऐसे में मरीजों ने सरकार से जल्द से जल्द आयुर्वेदिक अस्पतालों में दवाओं की सप्लाई किए जाने की मांग की है.
अस्पतालों में नहीं मिल रही ये दवाएं
मरीजों के मुताबिक, आयुर्वेदिक अस्पतालों व हेल्थ सेंटर में त्रिभुवन कीर्ति रस, लक्ष्मी विलास रस, चित्रक हरीतकी, ब्राह्मी वटी, योगराज गुगुलु, त्रिफला गुगुलु, कैशोर गुगुलु, वातगजांकुश रस, त्रयोदसांग गुगुलु, चित्रकादि वटी, शंख वटी, अग्नितुण्डि वटी, सितोपलादि, तालिसादि, अविपत्तिकर, अजमोदादि, अर्जुनारिष्ट, खादिरारिष्ट, कुटजारिष्ठ, सारस्वतारिष्ट, दशमूलारिष्ट, द्राक्षासव, चंदनासव, शतावरी, ब्राह्मी, दशांग लेप, जात्यादि, मारिच्यादी, पंचगुण, महानारायण, सेंधवादी तेल के अलावा कामदुधा रस, सूतशेखर रस, पंचामृत पर्पटी, कर्पूर रस, आरोग्यवर्धनी, कांचनार गुगुलु, पुनर्नवादि मंडूर आदि दवाओं का स्टॉक समाप्त हो चुका है और मरीजों को इन सभी दवाओं को बाजारों से खरीदना पड़ रहा है.