हिमाचल प्रदेश में 5 रुपये तक महंगा हो सकता है पेट्रोल और डीजल, सेस लगाने का विधेयक पारित

शिमला। हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पांच रुपये तक महंगा हो सकता है। प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर सेस लगाने के विधेयक को लोकभवन से मंजूरी मिल गई है। राज्य के विधि विभाग ने शनिवार को इस संबंध में राजपत्र अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे अब सरकार को पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर अधिकतम पांच रुपये प्रति लीटर तक सेस लगाने का अधिकार मिल गया है।

इसलिए लिया सेस बढ़ाने का निर्णय
विधवा और अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए पैसा एकत्र करने की खातिर सरकार ने यह सेस लगाने का फैसला लिया है। सरकार के अनुसार, इस सेस के जरिए जुटाई जाने वाली राशि विधवाओं और अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए बनाई गई विशेष निधि में जमा की जाएगी।

सरकार कभी भी ले सकती है फैसला
अब प्रदेश सरकार कभी भी पेट्रोल और डीजल पर पांच रुपये सेस लगाने का फैसला ले सकती है। विधेयक पारित होते ही सरकार अब इसे लागू कर सकती है। ऐसे में लोगों को और महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी।

विपक्ष के विरोध के बाद सीएम ने दिया था तर्क
हालांकि, सीएम सुक्खविन्द्र सिंह सुक्खू ने विपक्ष के विरोध के बाद कहा था कि वह सेस लगाने के लिए अधिकार के लिए बिल लाए हैं। उन्होंने कहा था कि पांच रुपये सेस नहीं लगाया जाएगा। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार कितना सेस लगाती है।

मार्च में पारित हुआ था विधेयक
यह विधेयक मार्च में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पारित किया गया था, जिस पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था। उस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया था कि सरकार फिलहाल केवल सेस लगाने का अधिकार ले रही है और वास्तविक दरों का निर्धारण बाद में किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार चाहे तो सेस न लगाने का फैसला भी ले सकती है।

अलग से तय होंगी स्टीक दरें
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि सेस की सटीक दरें सरकार द्वारा अलग से तय की जाएंगी। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि इस निर्णय से आम उपभोक्ताओं पर अनावश्यक बोझ नहीं डाला जाएगा।

लोकभवन से मंजूरी और अधिसूचना जारी होने के बाद अब आने वाले समय में यह तय होगा कि राज्य में पेट्रोल और डीजल पर सेस की दर क्या होगी और इसे कब से लागू किया जाएगा।