सोलन: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अर्की बाजार में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मंगलवार को तलाशी अभियान के दौरान तीन और मानव अवशेष बरामद किए गए। मंडी जिले से आई 30 सदस्यीय राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम और स्निफर डॉग स्क्वॉड के शामिल होने के बाद खोज अभियान तेज किया गया। सोलन के अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन ने बताया कि इस हादसे में अब तक कुल 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें नौ नेपाली नागरिक और बिहार का एक आठ वर्षीय बच्चा शामिल है। उन्होंने कहा कि आग इतनी भीषण थी कि अब तक कोई भी शव पूर्ण अवस्था में बरामद नहीं हो सका है, केवल मानव अवशेष ही मिल रहे हैं। सोमवार को एक घायल बच्चे को बाहर निकाला गया था, जिसकी बाद में अस्पताल में मौत हो गई।
मानव अवशेष बरामद
जैन के अनुसार, सोमवार को दो और मंगलवार को तीन मानव अवशेष बरामद किए गए, जिन्हें फॉरेंसिक टीम ने डीएनए मिलान के लिए सुरक्षित रख लिया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस, होम गार्ड्स और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम बुधवार सुबह फिर से तलाशी अभियान शुरू करेगी। इस मामले में सोलन के उपायुक्त ने सोमवार को मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे। अर्की के एसडीएम निशांत तोमर ने बताया कि मृतकों के परिजनों के डीएनए नमूने लिए जा चुके हैं और डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही अवशेषों की पहचान संभव हो सकेगी।
मालिक के खिलाफ केस दर्ज
पुलिस ने आग या ज्वलनशील पदार्थ के संबंध में लापरवाही बरतने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 287 के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त चार मंजिला पुरानी लकड़ी की इमारत के मालिक राजीव गुप्ता के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा रही है, क्योंकि इमारत में रखे कम से कम छह एलपीजी सिलेंडर विस्फोट के दौरान फट गए थे। जानकारी के अनुसार, इमारत के ग्राउंड और पहली मंजिल का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था, जबकि ऊपर की दो मंजिलें नेपाल और बिहार से आए प्रवासी मजदूरों को किराए पर दी गई थीं।