शिमला में नया साल मनाने उमड़ रहे सैलानी, होटल पैक, सड़कों पर लंबा जाम

शिमला: नए साल का जश्न मनाने के लिए देश से सैलानी बड़ी संख्या में हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला पहुंच रहे हैं। वीकेंड के साथ ही पर्यटकों की आमद अचानक बढ़ गई है और हालात यह हैं कि रोजाना करीब 6 से 7 हजार वाहन शिमला में दाखिल हो रहे हैं। बर्फबारी की उम्मीद, विंटर कार्निवल और नए साल के आयोजनों ने शिमला को सैलानियों की पहली पसंद बना दिया है।

शनिवार सुबह से ही शिमला के प्रवेश द्वार पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर शिमला से करीब पांच किलोमीटर पहले ही दिन भर जाम की स्थिति बनी रही। कई जगहों पर तीन किलोमीटर का सफर तय करने में एक से डेढ़ घंटे तक का समय लग रहा है। वीकेंड होने के कारण सुबह से ही पर्यटकों की भारी आवाजाही देखने को मिली, जिससे स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पर्यटकों की बढ़ती संख्या का सीधा असर शिमला के होटलों पर दिख रहा है। शहर के अधिकांश होटलों में वीकेंड के लिए 80 से 90 फीसदी तक ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई है। वहीं नए साल की पूर्व संध्या के लिए भी होटलों में लगभग सभी कमरे बुक हो चुके हैं। होटल कारोबारी पहले से एडवांस बुकिंग करवा रहे सैलानियों को 15 से 20 फीसदी तक की विशेष छूट भी दे रहे हैं।

होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रिंस कुकरेजा ने बताया कि नए साल के लिए एडवांस बुकिंग लगातार बढ़ रही है और अगर बर्फबारी होती है तो इसमें और तेजी आने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने 30 दिसम्बर से पहली जनवरी तक शिमला सहित पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का अनुमान जताया है।

नए साल के स्वागत के लिए शिमला के होटलों में खास तैयारियां की गई हैं। कई होटलों में डीजे नाइट, डाइन एंड डांस, गाला डिनर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। पर्यटक देर रात तक संगीत और मनोरंजन के साथ नए साल का जश्न मनाएंगे। होटल कारोबारियों को उम्मीद है कि इस सीजन में पर्यटन कारोबार को अच्छी रफ्तार मिलेगी।

शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर इन दिनों विंटर कार्निवल भी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कार्निवल में हिमाचल की लोक संस्कृति, नृत्य, संगीत और पारंपरिक कला की झलक देखने को मिल रही है। रिज पर लगे स्टालों में पर्यटक हिमाचली व्यंजनों का स्वाद चख रहे हैं। कई सैलानियों का कहना है कि विंटर कार्निवल ने उनके शिमला प्रवास को और यादगार बना दिया है।

पर्यटन के साथ-साथ यातायात व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। भारी संख्या में वाहनों के कारण शहर के भीतर भी कई इलाकों में जाम की स्थिति बनी हुई है। कालका-शिमला हाइवे पर तारादेवी और शोघी क्षेत्र में ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए वन मिनट ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है, लेकिन इसके बावजूद शिमला पहुंचने में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को एक से डेढ़ घंटे तक का समय लग रहा है।

पर्यटन का असर रेलवे पर भी साफ नजर आ रहा है। कालका से शिमला आने वाली ऐतिहासिक टॉय ट्रेन इन दिनों पूरी तरह पैक चल रही है। कई पर्यटक पहाड़ों की खूबसूरती का आनंद लेने के लिए टॉय ट्रेन को प्राथमिकता दे रहे हैं।