हिमाचल में कब होंगे पंचायत चुनाव? सीएम सुक्खू ने सदन में कर दिया ऐलान

धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर घमसान मचा हुआ है और विधानसभा में भी इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा आमने सामने है. अब सीएम सुक्खू ने साफ तौर पर बता दिया है कि हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव डिजास्टर मैनेजमैंट एक्ट हटाने के बाद ही चुनाव होंगे.

हालांकि, सीएम ने यह नहीं बताया कि यह एक्ट कब हटाया जाएगा. ऐसे में माना जा सकता है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव देरी से होंगे. सीएम ने सदन में बड़ी बात कही और कहा कि राज्य चुनाव आयोग के आदेश भी डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के दायरे में आएंगे.

स्थगन प्रस्ताव पर सीएम सुक्खू ने चर्चा का जवाब में सदन में कह कि किसी भी डिप्टी कमिश्नर को चुनाव का कार्य करने से नहीं रोका गया और इस वर्ष पिछली बार आई आपदा से ज्यादा नुकसान हुआ. इस वर्ष डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट प्राकृतिक आपदा के समय से लागू है, जिस समय प्रदेश आपदा से जूझ रहा था, उस समय कैसे डिप्टी कमिश्नरों को ये आदेश दिए जा सकते थे कि आप आपदा राहत का कार्य छोड़ कर चुनाव का कार्य करें.

स्थगन प्रस्ताव पर पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने सदन में कहा कि सरकार ने अब तक कहीं पर भी ये नहीं कहा कि चुनाव स्थगित किए जा रहे हैं और प्रदेश में 21 हजार 147 बूथ हैं. 45 हजार कर्मचारी और 10 हजार पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी और करीब 100 करोड़ का खर्च आएगा. पंचायत चुनावों के लिए 30 जनवरी तक का समय है. मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 631 पंचायत भवन या कम्युनिटी सेंटर ऐसे हैं जो क्षतिग्रस्त हैं, इनमें फिलहाल चुनाव करवाना संभव नहीं है और साथ ही 2010 के रोस्टर को सरकार रिव्यू कर रही है. साथ ही मंत्री ने पूछा कि गुजरात, उतर प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तराखंड में पंचायत चुनाव समय पर क्यों नहीं हुए थे.