Big Move on Himachal Day: हिमाचल प्रदेश में बुधवार को हिमाचल दिवस की 78वीं वर्षगांठ उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाई गयी. राज्यस्तरीय समारोह जिला किन्नौर के रिकांगपिओ में आयोजित किया गया. जहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य मार्चपास्ट की सलामी ली. इस दौरान मुख्यमंत्री ने किन्नौर की पात्र महिलाओं को ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि’ के तहत 1500 रुपये देने की घोषणा की. हर महीने 1500 रुपये की सम्मान निधि पाने वाली महिलाओं की उम्र 21 साल से और सालाना आय दो लाख रुपये से कम होनी चाहिए.
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने रिकांगपिओ में सभी सरकारी संस्थानों, स्कूलों और घरों को जियो-थर्मल ऊर्जा आधारित केंद्रीय हीटिंग सिस्टम से जोड़ने की बात कही. तरांडा गांव को जोड़ने के लिए ट्रैफिक टनल हेतु 8 करोड़ रुपये देने, चोल्टू हाई स्कूल को सीनियर सेकेंडरी में अपग्रेड करने और किन्नौर पॉलिटेक्निक कॉलेज को रोहड़ू से उरनी स्थानांतरित करने की घोषणा भी की गई. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि रिकांगपिओ में बन रहा राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल छह माह में पूरा होगा. 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित निगुलसारी-भावानगर सड़क पास हो चुकी है, जिससे किन्नौर और स्पीति के लोगों को लाभ मिलेगा.
रिकांगपिओ-शिमला के बीच हेली-टैक्सी सेवा शुरू हो चुकी है. वहीं 415 करोड़ रुपये की लागत से 66 केवी पूह-काजा ट्रांसमिशन लाइन परियोजना पर कार्य शुरू किया जा रहा है, जिससे किन्नौर और स्पीति के लगभग 17,500 लोगों को लाभ होगा.
चीन के साथ सीमा व्यापार 1 जून से फिर शुरू होगा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि शिपकी-ला के रास्ते चीन के साथ सीमा व्यापार 1 जून से फिर शुरू होगा. कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी इसी मार्ग से शुरू करने के प्रयास जारी हैं. सीमा पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि हो रही है. मुख्यमंत्री ने क्लास-1 और क्लास-2 अधिकारियों के वेतन से 3 प्रतिशत डेफरमेंट को वापस लेने की घोषणा की. साथ ही 2016 से 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट मई तक जारी करने की बात कही, जिस पर 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे. राज्य पुलिस के पात्र नॉन-गजेटेड कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दिन एक मानद पदोन्नति (वन रैंक अप) देने की घोषणा भी की गई.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद करने से प्रदेश को हर साल 8 से 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा. इसके बावजूद सरकार ने आम जनता पर कोई बोझ डाले बिना बजट प्रस्तुत किया है, जिसमें किसानों, बागवानों और पशुपालकों को प्राथमिकता दी गई है. सरकार ने दूध के समर्थन मूल्य में वृद्धि करते हुए गाय के दूध का मूल्य 32 से बढ़ाकर 61 रुपये और भैंस के दूध का मूल्य 47 से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर किया है. प्राकृतिक खेती के तहत गेहूं, मक्का और हल्दी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य भी बढ़ाया गया है.
सरकार ने गिनाई उपलब्धियां
मछुआरों को मानसून बंद अवधि में 3500 रुपये का वार्षिक मानदेय देने और रॉयल्टी दर 15 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है. प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू की जा चुकी है. आईजीएमसी शिमला में PET स्कैन सुविधा उपलब्ध है और टांडा मेडिकल कॉलेज में भी जल्द शुरू होगी. कई जिलों में एमआरआई और मैमोग्राफी मशीनें स्थापित की जाएंगी. शिक्षा क्षेत्र में इस वर्ष 151 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने का निर्णय लिया गया है, जिससे सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ा है. धार्मिक और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ज्वालामुखी और नैना देवी में 150-150 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जाएंगे. समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए.