आज के समय में लोगों में बिल्ली पालने का काफी शौक होता है. अधिकतर लोग बिल्ली पालना पसंद करते है. बिल्ली बहुत क्यूट होती है वहीं बिल्ली काफी प्यार भी करती है. स्टडी के अनुसार बिल्ली पालना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. दरअसल बिल्ली को पालने या छूने से मानसिक डिसऑर्डर का रिस्क बढ़ सकता है.
बिल्ली को छूने से सिजोफ्रेनिया का रिस्क बढ़ सकता है. ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड विश्वविद्यालय की स्टडी के अनुसार बिल्ली पालना मेंटल हेल्थ के लिए खतरनाक हो सकता है. आइए जानते हैं बिल्ली पालने कैसे सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है.
सिजोफ्रेनिया का बढ़ सकता है रिस्क
क्वींसलैंड विश्वविद्यालय ऑस्ट्रेलिया की स्टडी के अनुसार बिल्ली पालने से मानसिक समस्या सिजोफ्रेनिया का रिस्क बढ़ सकता है. स्टडी के मुताबिक बिल्लियों के संपर्क में आने वाले लोगों में सिजोफ्रेनिया का रिस्क अन्य इंसान की तुलना में दोगुना होता है. इस स्टडी में 44 साल में हुई 17 अन्य स्टडीज के विश्लेषण पर भी फोकस किया गया है. इस नई स्टडी में कुल 11 देशों के डेटा को शामिल किया गया है. स्टडी में पाया गया है कि जिन लोगों के पास बिल्ली होती है उनमें सिजोफ्रेनिया का रिस्क दोगुना होता है.
बिल्ली के मल से है बीमारी का कनेक्शन
दरअसल सिजोफ्रेनिया बीमारी और टोक्सोप्लाज्मा गोंडी परजीवी में कनेक्शन देखने को मिला है. यह परजीवी बिल्ली के मल में पाया जाता है. टोक्सोप्लाज्मा परजीवी ब्रेन हेल्थ पर असर डालता है. इसका असर न्यूरोट्रांसमीटर (डोपामिन) और इन्फ्लेमेशन पर पर देखने को मिलता है. कभी-कभी ये बीमारी इंफेक्शन और इम्यून सिस्टम के रिस्क को बढ़ा सकती है.
सिजोफ्रेनिया बीमारी होने के हो सकते हैं कई कारण
सिजोफ्रेनिया बीमारी कई कारण से होती है. तनाव (Stress), जेनेटिक कारण और दिमाग में केमिकल्स का इंबैलेंस की वजह से भी सिजोफ्रेनिया की बीमारी हो सकती है.
इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप बिल्ली पाल रहे हैं तो आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए
बिल्ली का लिटर बॉक्स साफ करने के बाद हाथ को अच्छे से धोना चाहिए.
अपनी बिल्ली की हाइजीन का पूरा ध्यान रखें. इससे आप खुद को बीमारी से बचा सकते हैं.