माता-पिता बच्चे को रोज खिलाते थे जंक फूड, महज 7 साल की उम्र में 115 किलो हुआ वजन, मोटापे से मौत

बच्चों की परवरिश में लापरवाही और गलत खान-पान किस कदर जानलेवा साबित हो सकता है, इसका एक दिल दहला देने वाला मामला अमेरिका के मिशिगन से सामने आया है। यहां अत्यधिक मोटापे (ओबेसिटी) से ग्रसित एक 7 वर्षीय मासूम कैस्पर ओ’ब्रायन की मौत हो गई।

मौत के समय इस नन्हे बच्चे का वजन अविश्वसनीय रूप से करीब 115 किलोग्राम तक पहुंच चुका था। पुलिस ने इस मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए मृतक बच्चे के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें ही इस असमय मौत का मुख्य जिम्मेदार ठहराया है।

रोजाना परोसा जा रहा था ‘धीमा जहर’
जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट में बच्चे की मौत के पीछे की जो वजह सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे के माता-पिता डेमियन ओ’ब्रायन और जेसिका ओ’ब्रायन उसे पोषण युक्त संतुलित आहार देने के बजाय रोजाना केवल चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, पैकेज्ड एप्पल जूस और अत्यधिक शुगर वाले कार्बोनेटेड ड्रिंक्स (सोडा) जैसी चीजें खिलाते-पिलाते थे।

शारीरिक गतिविधि (एक्सरसाइज) की कमी और इस अनियंत्रित जंक फूड के सेवन से बच्चे का शरीर पूरी तरह खराब हो गया। आखिरकार, भारी-भरकम वजन और मोटापे से जुड़ी शारीरिक जटिलताओं के कारण उसने दम तोड़ दिया।

इलाज की सुविधा होने के बाद भी बरती बेरुखी
मिशिगन पुलिस द्वारा की गई तफ्तीश में एक और हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी दंपत्ति के पास पर्याप्त ‘हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज’ मौजूद था, जिसके जरिए बच्चे का बेहतरीन इलाज कराया जा सकता था।

इसके बावजूद, माता-पिता ने कभी भी बच्चे को किसी डॉक्टर या मेडिकल एक्सपर्ट को नहीं दिखाया और न ही उसके बढ़ते वजन को रोकने का कोई प्रयास किया। चिकित्सा सहायता उपलब्ध होने के बाद भी इलाज न कराना और बच्चे को मौत के मुंह में धकेलने के जुर्म में अब यह दंपत्ति कानूनी शिकंजे में है।