आज के समय में अधिकतर लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं. शराब, सिगरेट, या गेमिंग से ज्यादा क्या खतरनाक है. हेल्थ कॉन्क्लेव WION Health Pulse में नेफ्रॉन हेल्थ केयर के डॉक्टर संजीव बगई ने बताया है कि सोशल मीडिया की लत दिमाग को अंदर से खोखला कर रही हैं. डॉक्टर ने अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल्स के आंकड़ों के बारे में बात करते हुए बताया है कि हर कोई इंसान रोजाना तीन से चार घंटे तक सोशल मीडिया पर समय बिताता है तो उसके सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ता है. डॉक्टर ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्च का उदाहरण भी दिया.
सोशल मीडिया की लत
आज के समय में अधिकतर लोगों को सोशल मीडिया की लत है. केवल यंग लोग नहीं बल्कि बुजुर्गों में भी सोशल मीडिया की लत देखने को मिल रही हैं. आज के समय में हर कोई अपने अपने फोन में बिजी रहते हैं. परिवार के सभी लोग एक कमरे में होने के बाद भी सोशल मीडिया पर रील्स और वीडियो देखना पसंद कर रहे हैं. सोशल मीडिया की लत सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है.
हैप्पी हार्मोन्स है लत का कारण
डॉक्टर ने बताया है कि जब सोशल मीडिया पर रील्स, लाइक्स और शेयर देखते हैं. इस दौरान हमारे दिमाग में डोपामाइन यानी हैप्पी हार्मोन रिलीज होता है. इसी हार्मोन की वजह से लोगों को सोशल मीडिया की लत हो जाती है. सोशल मीडिया से निकलने वाला डोपामाइन शराब, स्मोकिंग या गेमिंग से ज्यादा होता है. इसके की वजह से शरीर में सेरोटोनिन और गाबापेंटिन जैसे केमिकल का बैलेंस बिगड़ जाता है. जिसका असर ब्रेन हेल्थ पर पड़ता है.
क्या करें
इस समस्या से निजात पाने के लिए अच्छी आदत को लाइफस्टाइल में शामिल करें. सोने से पहले फोन से दूरी बना लें. अगर आप सोने से पहले फोन से दूरी बनाते हैं तो आप इस एडिक्शन से बच सकते हैं. इसके अलावा रियल लाइफ में रील्स और लाइक्स पर डिपेंट होना बंद करना होगा. सोशल मीडिया से दूरी बनाकर दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताना चाहिए.