Natural Home Remedies For Acidity: आज की बिजी लाइफ में हम अक्सर अपने खान-पान और रहन-सहन का ध्यान रखना भूल जाते हैं, जिसके चलते हमारे शरीर में कई तरह की दिक्कतें होने लगी हैं. इनमें से एक बेहद कॉमन, लेकिन परेशान करने वाली दिक्कत है ‘एसिडिटी’. पेट में जब एसिड बढ़ जाता है, तो एसिडिटी की प्रॉब्लम होती है. इसमें पेट में जलन, सीने में दर्द और कभी-कभी गले में खट्टी डकार आने लगती है, जो दिनभर हमारे काम करने की क्षमता पर भी असर डालती है. ज्यादातर लोग तुरंत दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन इसके कुदरती तरीके भी हैं, जिनसे एसिडिटी से तुरंत आराम पाया जा सकता है.
एसिडिटी दूर करने के घरेलू उपाय
1. दूध और केला (Milk and Banana)
आयुर्वेद के मुताबिक, जब पेट में एसिड बढ़ जाता है तो ठंडा दूध पीना एक कारगर उपाय होता है. दूध में मौजूद कैल्शियम पेट के अम्ल को कम करता है और जलन को शांत करता है. इसके साथ ही केला भी एसिडिटी में राहत देने वाला फल है क्योंकि इसमें कुदरती तत्व होते हैं जो एसिडिटी से जुड़ी पेट की परेशानियों को कम करते हैं और डाइजेस्टिव सिस्टम को मजबूत बनाते हैं. केला खाने से पेट को तुरंत आराम मिलता है और जलन का अहसास कम हो जाता है.
2. जीरा और अजवाइन Cumin and Celery)
इसके अलावा, आयुर्वेद ने एसिडिटी से राहत में जीरा और अजवाइन का भी बड़ा योगदान माना है. जीरा और अजवाइन दोनों ही भारतीय घरों में हाजमा सुधारने के लिए लंबे वक्त से इस्तेमाल में आते रहे हैं. जीरे को पानी में उबालकर पीने से पेट में बनने वाली गैस और एसिडिटी कम होती है, जिससे पेट हल्का महसूस होता है. अजवाइन को पानी में उबालकर या हल्का काला नमक डालकर खाने से भी डाइजेस्टिव सिस्टम मजबूत होता है और पेट की मांसपेशियां आराम पाती हैं. ये दोनों उपाय न सिर्फ पेट की जलन को कम करते हैं बल्कि पाचन को भी दुरुस्त करते हैं, जिससे खाना जल्दी पचता है और एसिडिटी की समस्या कम होती है.
3. नारियल पानी (Tender Coconut Water)
नारियल पानी भी एक शानदार कुदरती इलाज है. इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर के पीएच लेवल को बैलेंस रखते हैं, जिससे पेट में एसिडिटी कम होती है और जलन में राहत मिलती है.
4. सौंफ (Fennel Seeds)
खाने के बाद सौंफ चबाना भी एक पुराना और असरदार तरीका है जो पेट की गैस को कम करता है और हाजमे को सुधारता है. सौंफ के इस्तेमाल से भोजन जल्दी पचता है और एसिडिटी की प्रॉब्लम कम हो जाती है.