बेडरूम की इस चीज की भी होती है एक्सपायरी डेट, वक्त पर न बदला तो हो सकता है जानलेवा लंग इंफेक्शन

Pillows Also Have An Expiry Date: हम अक्सर खाने की चीजों, दवाइयों और स्किनकेयर प्रोडक्ट्स पर एक्सपायरी डेट चेक करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि क्या आपका तकिया भी एक्सपायर होता है? ये आपके रोजमर्रा की जिंदगी में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले आइटम्स में से एक है, जो हर रात आपके चेहरे के डायरेक्ट कॉन्टैक्ट में घंटों बिताता है. जाहिर सी बात है कि वक्त के साथ तकिए घिस जाते हैं, इसमें जमाव हो जाता है और इसका सपोर्ट कम हो जाता है.

वक्त पर तकिया बदलना जरूरी
मशहूर हेल्थ एजुकेटर डॉ. मनन वोरा (Dr. Manan Vora)ने इस बात को जोर देकर बताया है कि आपको अपने तकिए रेगुलरली क्यों बदलने चाहिए और इसे नजरअंदाज करने से आपकी नींद की क्वालिटी और सेहत पर कैसे असर पड़ सकता है. 4 अक्टूबर को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में, वो बताते हैं कि तकियों की एक एक्सपायरी डेट क्यों होती है, अलग-अलग तरह के तकिये आम तौर पर कितने वक्त तक टिकते हैं और अगर आप इन्हें नियमित रूप से साफ या बदलते नहीं हैं तो आपकी सेहत पर इसका क्या असर पड़ सकता है.

तकिए की एक एक्सपायरी डेट क्यों होती है?
डॉ. वोरा कहते हैं कि ये बिल्कुल समझ में आता है कि तकियों की एक एक्सपायरी डेट होनी चाहिए, क्योंकि वो हर दिन 8 से 10 घंटे तक सीधे आपके चेहरे और मुंह के संपर्क में रहते हैं. वो बताते हैं कि जब आप सोते हैं, आपका तकिया डेड स्किन सेल, लार, शारीरिक सिक्रीशन और ऑयल, और डस्ट पार्टिकल्स को जमा करता है. इसके अलावा, सर्जन ये भी बताते हैं, “कई तकिए सिंथेटिक सामग्री जैसे पॉलीयुरेथेन फोम से बने होते हैं और समय के साथ ये टूट सकते हैं और ऑर्गेनिक कंपाउंड्स को छोड़ सकते हैं.”

तकिया न बदलने के नुकसान
अगर तकिए को रेगुलरली साफ नहीं किया जाता या बदल नहीं दिया जाता, तो ये स्किन से जुड़ी परेशानियों जैसे मुंहासे, एलर्जी, जलन और रेयर केस में सीरियस लंग इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं. डॉ.वोरा आगे कहते हैं, “अगर कोई इंसान लंबे वक्त तक गंदे तकिए के संपर्क में रहता है, तो वो डेडली लंग इंफेक्शन का शिकार हो सकता है.”

तकिया कितने वक्त तक चलता है?
डॉ. वोरा के मुताबिक, तकिये की लाइफ खास तौर से इस पर निर्भर करती है कि ये किस मैटेरियल से बना है. पॉलिएस्टर के तकिये आमतौर पर 6 महीने से 2 साल तक चलते हैं, जबकि पंख वाले तकिये तकरीबन 1 से 3 साल तक टिक सकते हैं. मेमोरी फोम के तकिये की उम्र 2 से 3 साल होती है, लेटेक्स के तकिये थोड़ा ज्यादा वक्त तक, तकरीबन 3 से 4 साल तक चलते हैं, और बकव्हीट के तकिये सबसे ज्यादा टिकाऊ होते हैं, जो 3 से 5 साल तक रहते हैं. चूंकि आपका तकिया किसी भी गैजेट से ज्यादा नजदीक रहता है, इसलिए यहे जानना जरूरी है कि बेहतर नींद और हाइजीन के लिए इसे बदलने का सही वक्त कब है.