काम नहीं है आपकी टेंशन का कारण! कम पानी पीने से भी बढ़ता है तनाव, जानें कैसे..

Stress Reason: ये बात आपको थोड़ी अजीब लगेगी, लेकिन आपकी पानी पीने की आदत भी टेंशन बढ़ा या घटा सकती है. जर्नल ऑफ एप्लायड फिजियोलॉजी की एक रिपोर्ट में सेहत से जुड़ी ये महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक सही मात्रा में पानी नहीं पीने पर बॉडी का स्ट्रेस लेवल बढ़ता है. कम पानी पीने पर शरीर में कार्टिसोल हार्मोन का लेवल तेजी से बढ़ता है. कार्टिसोल हार्मोन बढ़ने से शरीर में तनाव को लेकर रिएक्शन बढ़ जाता है.

कम पानी पीने से भी बढ़ता है तनाव
यानी बेशक हमें ये महसूस नहीं हो की हम तनाव में हैं. लेकिन शरीर में स्ट्रेस का लेवल बढ़ जाता है. ये होता है कार्टिसोल हार्मोन के कारण. ये पूरा विज्ञान कैसे काम करता है ये भी समझते हैं. जब भी शरीर में पानी की कमी होती है तो दिमाग वैसोप्रेसिन नाम का हार्मोन छोड़ता है. ये हार्मोन किडनी को पानी बचाने का संदेश देता है. इसके साथ ही दिमाग को चेतावनी देनवाला सिस्टम भी एक्टिव हो जाता है. ये सिस्टम शरीर में कार्टिसोल हार्मोन की मात्रा बढ़ा देता है. कार्टिसोल हार्मोन शरीर को टेंशन में मानकर ज्यादा ग्लूकोज बनाता है.

कम पानी पीने का शरीर पर असर
यानी बेशक हम तनाव में नहीं होते हो. लेकिन पानी कम पीने के कारण शरीर में तनाव को लेकर रिएक्शन होने लगता है. लंबे अरसे तक शरीर में हाई कार्टिसोल लेवल से दिल की बीमारी, डायबिटीज और अवसाद का खतरा बढ़ सकता है. साथ ही शरीर को रोग से बचानेवाले सिस्टम पर भी बुरा असर पड़ता है. क्योंकि शरीर का करीब 70% हिस्सा पानी से बना होता है. पानी हर छोटे-बड़े शारीरिक फंक्शन के लिए पानी जरूरी है.

कितना पानी पीना चाहिए?
इसलिए ये जानना भी जरूरी है कि स्वस्थ रहने के लिए एक दिन में कितना पानी पीना जरूरी. पब्लिक हेल्थ गाइडलाइन्स के मुताबिक महिलाओं को रोजाना 2 लीटर पानी पीना चाहिए. वहीं पुरुषों को ढाई लीटर पानी पीना चाहिए.

कम पानी पीने से क्या होता है?
अगर आपको प्यास महसूस नहीं हो रही है तो इसका मतलब ये नहीं है कि आपने शरीर की जरूरत के मुताबिक पानी पिया है. क्योंकि रिसर्च में ये भी साफ हुआ है जो लोग कम पानी पीते हैं वो ज्यादा प्यास महसूस नहीं करते. इसलिए हम पानी पीने की आदत में सुधार कर तनाव से दूर रह सकते हैं. इसलिए अभी से आप पानी पीने की अपनी आदत पर ध्यान दें. अगर कम पानी पीते हैं तो अपनी आदत सुधारें और तनाव से होनेवाली बीमारियों से बचें.