मध्य प्रदेश के हर शहर में बनेगा स्टेडियम, ‘खेलो एमपी यूथ गेम्स’ में शामिल होंगे 27 गेम्स

जबलपुर: मध्य प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार योजनाएं बना रही है. इसी के चलते सांसद खेल महोत्सव, खेलो एमपी यूथ गेम्स जैसे टूर्नामेंट शुरु किए गए हैं. हर जिले में खेल स्टेडियम बनाए जाएंगे. असल में सरकार खेलों को करियर और रोजगार का साधन बनाना चाहती है. जबलपुर में मंगलवार को ‘सांसद खेल महोत्सव’ का भव्य शुभारंभ खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने किया. इस अवसर पर सांसद आशीष दुबे, विधायक और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे. सासंद खेल महोत्सव 25 दिसंबर तक चलेगा.

सांसद खेल महोत्सव 2025 के अंतर्गत सिहोरा, गांधीग्राम, बरगी, मंगेली, शहपुरा, कटंगी, पाटन, कुंडम, बघराजी, मझौली क्षेत्रों में विभिन्न खेल स्पर्धा आयोजित की गई है. इसमें एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, कबड्डी, कुश्ती, बैंडमिंटन, फुटबॉल, क्रिकेट, खो-खो, रस्साकशी, बास्केबॉल, बुशु, योगा प्रदर्शन आदि शामिल है. रानीताल खेल परिसर में प्रदर्शन के साथ बैंड की प्रस्तुति दी गई, साथ ही अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र और पदक का वितरण भी होना है. इस कार्यक्रम में 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी वर्चुअल रूप से जुड़कर खिलाड़ियों को संबोधित करेंगे.

हर विधानसभा में बनेगा खेल परिसर
खेल मंत्री विश्वास सारंग ने अपने उद्बोधन में सांसद आशीष दुबे की सरलता की प्रशंसा की, साथ ही जबलपुर के लिए बड़ी घोषणा की. जिसमें उन्होंने कहा “सांसद आशीष दुबे ने मुझसे अपने लिए कुछ नहीं मांगा, बल्कि पूरी लोकसभा की हर विधानसभा के लिए खेल परिसर मांगा. यह डबल इंजन की सरकार है, यहां मांग पूरी होती है. मैं घोषणा करता हूं कि जबलपुर लोकसभा की सभी आठों विधानसभाओं में विधायकों के प्रस्ताव अनुसार एक-एक खेल परिसर बनाया जाएगा.”

उन्होंने बताया कि, ”मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश खेलों में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर आ गया है और लक्ष्य नंबर वन बनने का है. प्रधानमंत्री मोदी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए प्रोटोकॉल तोड़कर ड्रेसिंग रूम तक जाते हैं और रात 2 बजे भी खिलाड़ियों से बात करते हैं.”

नए साल में ‘खेलो एमपी यूथ गेम्स’ का होगा आयोजन
नया साल 2026 खेल प्रेमियों के लिए सौगात लेकर आ रहा है. जनवरी में ‘खेलो एमपी यूथ गेम्स’ का आयोजन किया जाएगा. जिसे मध्य प्रदेश के ओलंपिक के रूप में विकसित किया जा रहा है. इस बार प्रतियोगिता को और मजबूत बनाने के लिए खेल विभाग के साथ-साथ विभिन्न खेल एसोसिएशन को भी टीम चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा. ‘खेलो एमपी यूथ गेम्स’ को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लॉन्च करेंगे. यह टूर्नामेंट भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सागर, उज्जैन और शहडोल में आयोजित होगा. प्रदेश के सभी 313 ब्लॉकों में भी खेल प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को भाग लेने का अवसर मिल सके.

मध्य प्रदेश में खेलों को लेकर सरकार की योजनाएं

मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में खेल स्टेडियम/कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे.
खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
अभी तक प्रदेश में 114 स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किए जा चुके हैं और 30 और निर्माणाधीन हैं.
जनवरी 2026 में ‘खेलो एमपी यूथ गेम्स’ का आयोजन होगा. जिसमें 27 खेलों को सम्मिलित किया गया है.
‘खेलो एमपी यूथ गेम्स’ में ब्लॉक, जिला, संभाग और राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएं होंगी. ताकि युवाओं को पहचान और मंच मिले.

सांसद ने बताया, आग्रह में रात को आए विश्वास सारंग
सांसद आशीष दुबे ने संबोधन में कहा कि, ”मंत्री विश्वास सारंग का रात्रि विश्राम सिवनी में तय था, लेकिन जब उन्होंने आग्रह किया, तो वे अपना कार्यक्रम बदलकर रात 2 बजे जबलपुर पहुंचे. यह केवल आशीष दुबे का नहीं, बल्कि पूरी जबलपुर लोकसभा का सम्मान है. हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए खेल प्रतिभाओं को मंच दे रहे हैं. अपने भाषण के अंत में सांसद ने मंत्री जी से जबलपुर की आठों विधानसभाओं के लिए खेल सुविधाओं (खेल परिसर) की मांग रखी, जिसे तत्काल स्वीकार कर लिया गया.

राइट टाउन स्टेडियम प्रैक्टिस करते थे खिलाड़ी
जबलपुर में राइट टाउन स्टेडियम में शहर के सभी खेलों से जुड़े खिलाड़ी प्रैक्टिस करने तो आते ही थे बल्कि साथ ही में यह आम जनता के लिए खुला होने के कारण गपशप का एक अड्डा हुआ करता था. यदि किसी भी बच्चे को किसी खेल के प्रति रुझान हो तो उसको खेल से जुड़ी सारी जानकारी राइट टाउन में आ रहे खिलाड़ी ही देते थे. जिस कारण राइट टाउन स्टेडियम खिलाड़ियों का अघोषित एडमिशन सेंटर हुआ करता था. पर जब से सर्व सुविधा युक्त राइट टाउन स्टेडियम में प्रैक्टिस करने के लिए शुल्क निर्धारित कर दी गई, तब से राइट टाउन में आम जनता ने तो आना ही बंद कर दिया. साथ ही जो प्रोफेशनल खिलाड़ी हैं उन्होंने भी आना कम कर दिया, जिस कारण आम जनता की कनेक्टिविट भी खिलाड़ियों से कम हो गई.