सिंगरौली: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव भास्कर मिश्रा को गुरुवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उन पर भाजपा के देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम के खिलाफ कथित तौर पर जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है। यह कार्रवाई विधायक मेश्राम की शिकायत के बाद की गई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि मिश्रा की टिप्पणी से सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है।
पुलिस के अनुसार, विधायक राजेंद्र मेश्राम ने इस संबंध में 21 सितंबर को वैधन थाना में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने भास्कर मिश्रा के खिलाफ एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) एक्ट सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया था। सिटी एसपी पुन्नु सिंह परस्ते ने बताया कि कांग्रेस नेता भास्कर मिश्रा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, भास्कर मिश्रा पर पहले से ही 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इस घटना से सिंगरौली की राजनीति में हलचल मच गई है। मिश्रा की कथित टिप्पणी वाला एक वीडियो 12 सितंबर को वायरल हुआ था, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन हुए थे। भाजपा नेताओं ने जहां पुलिस की सराहना की और कहा कि किसी को भी जाति-आधारित गालियां देने का अधिकार नहीं है। वहीं गिरफ्तारी की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध जताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने इसे “तानाशाही रवैया” करार दिया और कहा कि भाजपा अब विरोध सहन नहीं कर पा रही है। कांग्रेस ने विरोध जताते हुए दावा किया कि दबाव बनाने के लिए जानबूझकर एक राजनीतिक टिप्पणी को जाति से जोड़ा जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर भाजपा नेताओं का कहना है कि जब कोई नेता मर्यादा लांघकर अभद्र और जातिसूचक टिप्पणी करता है, तो उस पर कार्रवाई होना जरूरी है। उनका तर्क है कि कानून सभी के लिए समान है और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाना चाहिए।