मैहर: मध्य प्रदेश के मैहर में हिंदू नाम से प्रसाद की दुकान चलाने वाले मुस्लिम दुकानदारों को गिरफ्तार किया है। धार्मिक नगरी मैहर में मां शारदा मंदिर के पास ‘गोपाल प्रसाद भंडार’ नाम से दुकान है। यूपीआई पेमेंट के दौरान एक ग्राहक को जब मुस्लिम नाम दिखा तो उसने पुलिस से शिकायत की। आरोपियों पर श्रद्धालु से अभद्रता और अधिक पैसे लेने का भी आरोप है। पुलिस ने दुकान सील कर इसके मालिकों को गिरफ्तार कर लिया।
घटना गुरुवार को तब सामने आई जब सतना निवासी देवांश द्विवेदी अपने दोस्तों के साथ मां शारदा के दर्शन करने मैहर पहुंचे। उन्होंने रेलवे स्टेशन से मंदिर जाने के लिए एक ऑटो बुक किया। ऑटो चालक यूसुफ खान ने पहले 10 रुपये प्रति सवारी किराया बताया, लेकिन गंतव्य पर पहुंचते ही 20 रुपये प्रति सवारी मांगने लगा। इतना ही नहीं, उसने दबाव बनाकर कहा कि प्रसाद उसके साथी सोनू खान की दुकान से ही खरीदना होगा। इस पर उन्होंने विरोध किया तो दुकानदारों ने गाली-गलौज की और हाथ पकड़कर जबरन दुकान के अंदर ले गए। साथ ही श्रद्धालुओं को प्रसाद की कीमत 400 के आसपास बताई गई।
UPI से खुली यूसुफ और सोनू खान की पोल जब प्रसाद की राशि कुछ कम करके देवांश ने मोबाइल से यूपीआई पेमेंट किया, तो पेमेंट रिसीवर का नाम ‘यूसुफ’ देखकर उन्हें शंका हुई। परेशान श्रद्धालु सीधे देवीजी पुलिस चौकी पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई है।
जांच में हुआ चौकाने वाला खुलासा शिकायत पर एसपी अवधेश प्रताप सिंह के निर्देश पर तत्काल जांच शुरू हुई। पुलिस जांच में पता चला कि ‘गोपाल प्रसाद भंडार’ नामक दुकान वास्तव में ज्योति गौतम नाम की महिला से किराये पर ली गई थी। लेकिन इसे यूसुफ खान और सोनू खान मिलकर चला रहे थे। दोनों ने पहचान छिपाकर प्रसाद की दुकान खोल रखी थी और श्रद्धालुओं से अभद्रता कर प्रसाद खरीदने के लिए दबाव बना रहे थे।
यूसुफ और सोनू खान पहुचे सलाखों के पीछे शिकायत और जांच रिपोर्ट की पुष्टि होने के बाद शाम को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने दुकान पर दबिश दी। इस दौरान एसपी अवधेश प्रताप सिंह, एसडीएम दिव्या पटेल, सीएसपी महेंद्र सिंह चौहान, थाना प्रभारी अनिमेष द्विवेदी सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों की मौजूदगी में दुकान को तत्काल सील कर दिया गया है। दोनों आरोपियों यूसुफ और सोनू खान को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। शुक्रवार को दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।