भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार (1 दिसंबर) से शुरू हो रहा है। शीतकालीन सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है। पांच दिनों के इस सत्र में सरकार कई अहम विधेयक पेश कर सकती है। वहीं, विपक्षी दल कांग्रेस सरकार को घेरने के की तैयारी में है। कानून व्यवस्था, हेल्थ व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरने का प्लान बनाया है। सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई थी।
पांच दिन में चार बैठकें
विधानसभा के शीतकालीन सत्र पांच दिनों का होगा, जिसमें कुल चार बैठकें प्रस्तावित हैं। सत्र की कम अवधि को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है। विपक्ष ने सरकार को घेरने की रणनीति पर काम किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार जनता से जुड़े सवालों पर जवाब देने से बच रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार किसानों, युवाओं और आम जनता के मुद्दों से लगातार मुंह मोड़ रही है।
किसानों के मुद्दे पर हंगामे के आसार
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विपक्ष खाद की किल्लत को लेकर सरकार पर हमलावर हो सकती है। वहीं, भर्ती घोटालों को भी मुद्दा बना सकती है। उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि सरकार चर्चा करने से बच रही है। छिंदवाड़ा कफ सिरप मौत प्रकरण और इंदौर एमवाय हॉस्पिटल में बच्चों को चूहों के काटने की घटनाओं को लेकर विपक्ष सरकार पर हमला कर सकता है।
दो विधेयक हो सकते हैं पेश
शीतकालीन सत्र में सरकार नगरपालिका अध्यक्ष के सीधे चुनाव से संबंधित विधेयक पेश कर सकती है। कैबिनेट बैठक में इस मंजूरी मिल चुकी है। नए प्रावधान के मुताबिक अध्यक्षों को सीधे जनता चुन सकेगी और असंतोष की स्थिति में उन्हें वापस बुलाने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। अभी राज्य में नगर पालिका के अध्यक्षों का चुनाव चुने हुए पार्षदों के द्वारा किया जाता है। ऐसे में इसमें बदलाव हो सकता है।
इसके अलावा मध्य प्रदेश की सरकार दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1956 में भी संशोधन करने की तैयारी में है। इस संशोधन के बाद राज्य में दुकान, होटल, रेस्टोरेंट या कोई दूसरी कमर्शियल यूनिट खोलने के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए लेबर डिपार्टमेंट के चक्कर नहीं काटने होंगे। इसके रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन होगी।