बड़वानी: राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मोहनपुरा में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. खेत में सो रहे एक किसान परिवार पर ड्रिप लाइन साफ करने के लिए रखी गई एसिड की गैलन अचानक पलट गई. हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसके दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए. घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध है.
परिवार के लिए काल बना एसिड
बताया जा रहा है कि सालखेड़ा निवासी विजय चौहान अपनी पत्नी पिंकी चौहान (28 वर्ष) और बच्चों के साथ मोहनपुरा स्थित खेत पर रहकर खेती का काम करते हैं. परिवार खेत में ही अस्थायी रूप से रह रहा था. बताया जा रहा है कि खेत में लगी ड्रिप लाइन की सफाई के लिए गुरुवार रात एसिड की एक गैलन लाकर रखी गई थी. रात में पूरा परिवार खेत पर सो रहा था, तभी अचानक एसिड से भरी गैलन पलट गई और तेजाब पिंकी चौहान, उनकी 4 वर्षीय बेटी सिवानी और 6 वर्षीय बेटे अथर्व के ऊपर गिर गया.
एसिड गिरते ही चीख पड़े बच्चे, महिला की मौत
एसिड गिरते ही तीनों दर्द से चीखने लगे. बच्चों और महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद परिजन और ग्रामीण मौके पर दौड़े. किसी तरह तीनों को वहां से उठाकर तुरंत राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने तीनों को जिला अस्पताल बड़वानी रेफर कर दिया. परिजनों के मुताबिक, जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही पिंकी चौहान की हालत लगातार बिगड़ती गई. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
बच्चों के लिए अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण
वहीं दोनों मासूम बच्चों को तत्काल बर्न वार्ड में भर्ती किया गया, जहां उनका इलाज जारी है. डॉक्टरों के अनुसार सिवानी और अथर्व करीब 40 से 50 प्रतिशत तक झुलस गए हैं. दोनों बच्चों की हालत अभी नाजुक बनी हुई है और अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं.
गांव में शोक का माहौल, पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया. प्रारंभिक जांच में मामला हादसा माना जा रहा है, हालांकि पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. इस दर्दनाक हादसे के बाद मोहनपुरा गांव में शोक का माहौल है.
ग्रामीणों का कहना है कि खेती में उपयोग होने वाले रसायनों और एसिड को सुरक्षित तरीके से रखने को लेकर जागरूकता की कमी के कारण इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं. ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने और बच्चों के बेहतर इलाज की व्यवस्था कराने की मांग की है.